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  • छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से लागू होगा प्रीपेड बिजली सिस्टम, मोबाइल रिचार्ज की तरह करना होगा भुगतान

    छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से लागू होगा प्रीपेड बिजली सिस्टम, मोबाइल रिचार्ज की तरह करना होगा भुगतान

    कोरबा, 30 मार्च (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोग का तरीका अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। राज्य सरकार ने बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार करते हुए मोबाइल रिचार्ज की तर्ज पर प्रीपेड बिजली सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत 1 अप्रैल से सबसे पहले सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शन प्रीपेड सिस्टम में बदले जाएंगे। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के इस प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।

    पहले चरण में ब्लॉक स्तर के करीब 45 हजार सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड सिस्टम में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेशभर में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, राज्य में कुल 1.72 लाख सरकारी कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से लगभग 1.5 लाख मीटर पहले ही लगाए जा चुके हैं। शेष करीब 22 हजार मीटर पंचायतों और आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाए जा रहे हैं, जिन्हें 1 अप्रैल से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।

    सरकारी विभागों पर लगातार बढ़ते बिजली बिल बकाया को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2024 में बकाया राशि 1988 करोड़ रुपये थी, जो मार्च 2025 तक बढ़कर 2444.91 करोड़ रुपये हो गई और वर्तमान में यह करीब 3000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। बकाया की स्थिति को संभालने के लिए राज्य सरकार विभागों के बजट से किस्तों में भुगतान कर रही है और हाल ही में 600 करोड़ रुपये की एक किस्त भी जारी की गई है। नगरीय निकायों और विकास विभाग पर सबसे अधिक बकाया है, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की भी बड़ी हिस्सेदारी है।

    नई व्यवस्था के तहत सभी सरकारी विभागों को कम से कम तीन महीने का एडवांस रिचार्ज कराना अनिवार्य होगा। यह राशि संबंधित विभाग के औसत मासिक बिजली बिल के आधार पर तय की जाएगी। रिचार्ज समाप्त होने से पहले ही दोबारा भुगतान करना जरूरी होगा, जिससे बिजली कंपनियों को समय पर राजस्व प्राप्त होगा और बकाया की समस्या में कमी आएगी।

    प्रीपेड सिस्टम लागू होने से बिजली बिल बकाया खत्म करने में मदद मिलेगी, उपभोक्ताओं को अपने खर्च पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा, बिजली चोरी और बकाया में कमी आएगी तथा पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी बढ़ेगी। फिलहाल यह व्यवस्था केवल सरकारी कनेक्शनों तक सीमित रखी गई है, लेकिन भविष्य में इसे घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर भी लागू किया जा सकता है।

    यदि यह योजना आम जनता के लिए लागू होती है, तो उपभोक्ताओं को भी बिजली उपयोग से पहले रिचार्ज कराना होगा, ठीक उसी तरह जैसे मोबाइल सेवाओं में किया जाता है। इस तरह छत्तीसगढ़ में प्रीपेड बिजली सिस्टम की शुरुआत बिजली क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है, जिसका उद्देश्य बकाया कम करना और वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।

  • जिला अधिवक्ता संघ कोरबा चुनाव: अध्यक्ष पद के लिए राकेश दुबे ने पेश की दावेदारी

    जिला अधिवक्ता संघ कोरबा चुनाव: अध्यक्ष पद के लिए राकेश दुबे ने पेश की दावेदारी

    कोरबा, 30 मार्च (वेदांत समाचार)। जिला अधिवक्ता संघ कोरबा के आगामी चुनाव (कार्यकाल 2026–28) को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में अधिवक्ता राकेश दुबे ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की है और अधिवक्ताओं से समर्थन की अपील की है।

    राकेश दुबे ने अपने प्रचार में सरल, सहज और स्वच्छ छवि के साथ अधिवक्ताओं के हितों के प्रति समर्पित रहने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य अधिवक्ता समुदाय को एकजुट, मजबूत और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना है। साथ ही उन्होंने अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही।

    चुनाव प्रचार के दौरान दुबे ने अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत संपर्क कर अपने विचार साझा किए और समर्थन मांगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अधिवक्ता उनके अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए उन्हें अध्यक्ष पद के लिए योग्य उम्मीदवार मानेंगे।

    जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव 12 अप्रैल 2026, रविवार को आयोजित होगा। मतदान सुबह 8:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक किया जाएगा। चुनाव को लेकर अधिवक्ता समुदाय में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है और सभी प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।

    अब देखना यह होगा कि अधिवक्ता संघ के सदस्य किसे अपना नेतृत्व सौंपते हैं और आगामी कार्यकाल के लिए किस उम्मीदवार पर विश्वास जताते हैं।

  • छत्तीसगढ़ में ट्रेन में किन्नर बनकर वसूली करने वाली 7 महिलाएं गिरफ्तार, आरपीएफ की कार्रवाई

    छत्तीसगढ़ में ट्रेन में किन्नर बनकर वसूली करने वाली 7 महिलाएं गिरफ्तार, आरपीएफ की कार्रवाई

    राजनांदगांव, 30 मार्च (वेदांत समाचार)। ट्रेनों में यात्रियों से किन्नरों द्वारा वसूली की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार मामला अलग निकला। किन्नर बनकर यात्रियों से जबरन पैसे मांगने और उन्हें परेशान करने वाली 7 महिलाओं को राजनांदगांव रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रेलवे हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के बाद की गई।

    जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 22846 में सफर कर रहे यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ किन्नर यात्रियों से जबरन पैसे मांग रहे हैं और अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। शिकायत मिलते ही मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष ने तत्काल आरपीएफ टीम को अलर्ट किया।

    आरपीएफ निरीक्षक तरुणा साहू के नेतृत्व में टीम ने संबंधित कोचों में जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ महिलाएं किन्नर बनकर यात्रियों से वसूली कर रही थीं और विरोध करने पर बदसलूकी भी कर रही थीं। टीम ने मौके पर ही सभी सातों महिलाओं को हिरासत में ले लिया।

    इसके बाद सभी आरोपियों को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट राजनांदगांव लाया गया, जहां उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 145 और 137 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरपीएफ ने बताया कि इस तरह की गतिविधियां न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए भी खतरा हैं।

    आरपीएफ प्रभारी तरुणा साहू ने स्पष्ट कहा कि ट्रेनों में जबरन वसूली, अभद्र व्यवहार या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।

    आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि यदि यात्रा के दौरान कोई संदिग्ध गतिविधि, जबरन वसूली या असुविधा महसूस हो, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दें। शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • जंगल में मिला हथियारों का जखीरा, AK-47, इंसास रायफल समेत अन्य सामान बरामद…

    जंगल में मिला हथियारों का जखीरा, AK-47, इंसास रायफल समेत अन्य सामान बरामद…

    मोहला-मानपुर, 30 मार्च (वेदांत समाचार)। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। घने जंगलों में छिपाकर रखा गया माओवादियों का हथियारों का जखीरा बरामद किया गया, जिसमें AK-47 और इंसास रायफल जैसे घातक हथियार शामिल हैं। यह ऑपरेशन मोहला-मानपुर के बस्तर सीमावर्ती इलाके में चलाया गया, जहां डीआरजी और Indo-Tibetan Border Police के जवानों ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह के नेतृत्व में टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जंगल में दबिश दी।

    सर्च ऑपरेशन के दौरान कांकेर जिले के उयकाटोला, कोवाचीटोला और मानपुर ब्लॉक के कलवर गांव के बीच जंगल में एक गड्ढे में छिपाया गया नक्सल डंप मिला। इस डंप से एक AK-47, एक इंसास रायफल, भारी मात्रा में कारतूस और अन्य हथियार संबंधी सामग्री बरामद की गई। सुरक्षा बलों ने सभी हथियारों को जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया है। माना जा रहा है कि ये जखीरा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए छिपाया गया था, जिसे समय रहते बरामद कर लिया गया। गौरतलब है कि इसी इलाके में पहले भी माओवादियों की गतिविधियां सामने आती रही हैं, और हाल ही में आरकेबी डिवीजन के पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया था।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चंदखुरी में माता कौशल्या एवं भगवान श्रीराम के किए दर्शन: प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चंदखुरी में माता कौशल्या एवं भगवान श्रीराम के किए दर्शन: प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

    रायपुर 29 मार्च 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर पहुंचकर माता कौशल्या एवं भगवान श्रीराम के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

  • कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण: सामाजिक एकजुटता और विकास की नई पहल,कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण: सामाजिक एकजुटता और विकास की नई पहल,कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर,30 मार्च 2026 (वेदांत समाचार)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी में कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कायस्थ समाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि चंदखुरी में इस मंगल भवन का शुभारंभ होना पूरे समाज के लिए खुशी और गौरव का विषय है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कायस्थ समाज सदैव से एक प्रबुद्ध और जागरूक समाज रहा है, जिसने देश एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन से लेकर सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इस समाज की सक्रिय भूमिका रही है, जो प्रेरणादायी है।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और उन्हें विश्वास है कि कायस्थ समाज इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि जब समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हो रहे विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि आज अंबिकापुर से दिल्ली और कलकत्ता के लिए सीधी हवाई सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे प्रदेशवासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने बजट में सीजी वायु योजना का प्रावधान किया है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। साथ ही कार्गो सेवा भी प्रारंभ की गई है, जिससे किसान अपने उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे।

    इस अवसर पर नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ मंगल भवन का निर्माण समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता की पूर्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भवन किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के उपयोग के लिए बनाया गया है। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    वी.वाय. हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा कि इस मंगल भवन का निर्माण पूरे समाज के सहयोग से संभव हुआ है और इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि पर इस भवन का निर्माण होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है और यह भवन निश्चित रूप से शुभ कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, सहित कायस्थ समाज के समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • एनटीपीसी कोरबा बना देश का अग्रणी पावर स्टेशन, CGM ने प्रेस क्लब में गिनाईं उपलब्धियां

    एनटीपीसी कोरबा बना देश का अग्रणी पावर स्टेशन, CGM ने प्रेस क्लब में गिनाईं उपलब्धियां

    PLF, पर्यावरण संरक्षण और CSR में उत्कृष्ट प्रदर्शन, पत्रकारों से चर्चा में साझा की जानकारी

    कोरबा, 30 मार्च (वेदांत समाचार)। NTPC Limited के प्रमुख तापीय विद्युत संयंत्र एनटीपीसी कोरबा ने प्रदर्शन, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

    सोमवार को कोरबा प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में एनटीपीसी कोरबा के सीजीएम Kishor Chand Kumar ने संयंत्र की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2600 मेगावाट क्षमता वाला यह संयंत्र महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा सहित कई राज्यों को निरंतर बिजली आपूर्ति कर रहा है।

    उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में एनटीपीसी कोरबा ने लगातार छठे वर्ष प्लांट लोड फैक्टर (PLF) में एनटीपीसी के भीतर पहला स्थान हासिल किया है। साथ ही 2000 मेगावाट से अधिक क्षमता वाले देश के सभी बिजलीघरों में भी यह शीर्ष पर रहा है। ऊर्जा शुल्क दर (ECR) में तीसरा स्थान प्राप्त कर संयंत्र ने लागत दक्षता का भी उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है।

    सीजीएम ने बताया कि यूनिट-7 ने 455 दिनों और यूनिट-1 ने 400 दिनों से अधिक निरंतर संचालन का रिकॉर्ड बनाया है, जबकि जबरन बंद (फोर्स्ड आउटेज) की घटनाओं में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। परिचालन आय के मामले में भी एनटीपीसी कोरबा पूरे एनटीपीसी में पहले स्थान पर रहा है।

    पर्यावरण संरक्षण के संबंध में उन्होंने कहा कि संयंत्र ने अपने कुल क्षेत्रफल के 33 प्रतिशत हिस्से में हरित आवरण विकसित किया है और 30 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया है, जिनकी जीवित रहने की दर 95 प्रतिशत से अधिक है। चारपारा ऐश डाइक का सफल पुनर्विकास करते हुए 4 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुआ है।

    राख प्रबंधन में संयंत्र ने वर्ष 2024-25 में 119 प्रतिशत और फरवरी 2026 तक 110 प्रतिशत उपयोग हासिल किया है। फ्लाई ऐश लाइम जिप्सम (FALG) प्लांट, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा किया गया था, औद्योगिक अपशिष्ट के उपयोग का बेहतर उदाहरण है।

    CSR गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों के माध्यम से 25 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिला है। कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत 110 युवाओं को इंजेक्शन मोल्डिंग और 50 युवाओं को CNC मशीन ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षण देकर रोजगार दिलाया गया है। इसके अलावा 14 युवाओं को रक्षा क्षेत्र में नौकरी मिली है, जबकि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 35 से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं।

    “गर्ल एम्पावरमेंट मिशन” के तहत 36 गांवों के 41 स्कूलों की 576 बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया गया है।

    खेल के क्षेत्र में भी संयंत्र ने क्षेत्रीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाया है। Kiran Pisda, Harshit Thakur, Shruti Yadav और Akarshi Kashyap जैसे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।

    सीजीएम किशोर चंद कुमार ने कहा कि एनटीपीसी कोरबा भविष्य में भी नवाचार, दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के साथ आगे बढ़ते हुए देश के सर्वश्रेष्ठ पावर स्टेशन बनने के लक्ष्य की दिशा में कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र न केवल ऊर्जा उत्पादन में बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दायित्वों के निर्वहन में भी एक आदर्श मॉडल बन चुका है।

  • हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके” प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : मुख्यमंत्री श्री साय

    हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके” प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : मुख्यमंत्री श्री साय

    0 मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर – दिल्ली – कोलकाता हवाई यात्रा का किया वर्चुअल शुभारंभ

    0 राजधानी दिल्ली से क्षेत्र का सीधा जुड़ाव व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को देगा बढ़ावा केबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल और सरगुजा सांसद ने विमान सेवा के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार

    रायपुर, 30 मार्च (वेदांत समाचार)। प्रदेश में हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी से अंबिकापुर–दिल्ली – कोलकाता हवाई सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख शहरों को विमान सेवाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे आमजन को भी सुलभ हवाई यात्रा का लाभ मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह परिकल्पना रही है कि “हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सके” और छत्तीसगढ़ में यह सपना अब साकार होता दिख रहा है। उन्होंने सरगुजा अंचल के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय सांसद के प्रयासों से यह महत्वपूर्ण सुविधा संभव हो पाई है। राजधानी दिल्ली और कोलकाता से सीधा जुड़ाव होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में हवाई सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है और हाल ही में बिलासपुर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा भी प्रारंभ हुई है। इसके साथ ही बजट में ‘सीजी वायु’ योजना के माध्यम से घरेलू विमान सेवाओं के सुचारू संचालन का प्रावधान भी किया गया है। रायपुर एयरपोर्ट पर कार्गो सेवा प्रारंभ होने से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि अंबिकापुर (दरिमा) में 72-सीटर विमान के संचालन से दिल्ली–अंबिकापुर–कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश को बड़ी सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि बिलासपुर में नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने के साथ-साथ दक्षिण छत्तीसगढ़ में जगदलपुर में भी एयर कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है।

    कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से मंत्री राजेश अग्रवाल एवं सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने भी मुख्यमंत्री को इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।

    उल्लेखनीय है कि निर्धारित शेड्यूल के तहत यात्रियों को आने-जाने दोनों दिशाओं में सुविधा उपलब्ध होगी तथा बिलासपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी सुदृढ़ होगी। अम्बिकापुर सरगुजा संभाग का मुख्यालय होने के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ का प्रमुख प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं वाणिज्यिक केंद्र है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा एवं खनिज भंडार से समृद्ध है। साथ ही मैनपाट, तातापानी एवं विविध जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।


    हवाई सेवा के प्रारंभ होने से सरगुजा संभाग सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ जाएगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा।

    एलायंस एयर का फ्लाइट शेड्यूल (सप्ताह में 4 दिन)
    विमानन कंपनी एलायंस एयर द्वारा इन उड़ानों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट पर प्रारंभ हो चुकी है।

    उल्लेखनीय है कि माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा का विकास केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के अंतर्गत किया गया है। वर्ष 1950 में निर्मित इस हवाई पट्टी का विस्तार कर रनवे को 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया, जिससे अब एटीआर जैसे बड़े विमान यहां संचालित हो सकते हैं। माँ महामाया एयरपोर्ट दरिमा, अम्बिकापुर लगभग 365 एकड़ में फैला हुआ है, एयरपोर्ट के सिविल एवं विद्युतीकरण कार्य हेतु राशि रू. 48.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी, जिससे इस एयरपोर्ट में सभी कार्य डीजीसीए मानक अनुरूप कराया गया है। मां महामाया एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उन्नयन 72 यात्रियों के अनुरूप कराया गया। हवाई अड्डे में लगभग 100 वाहन की पार्किंग की व्यवस्था के साथ टर्मिनल भवन तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया गया है।

    दिल्ली रूट (सोमवार और बुधवार)

    सोमवार (फ्लाइट नं. 91613): दिल्ली से बिलासपुर होते हुए सुबह 11:35 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। वापसी में दोपहर 12:00 बजे अम्बिकापुर से सीधे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। बुधवार (फ्लाइट नं. 91614): दिल्ली से सुबह 10:25 बजे अम्बिकापुर आगमन और दोपहर 12:00 बजे बिलासपुर होते हुए दिल्ली प्रस्थान करेगी।

    कोलकाता रूट (गुरुवार और शनिवार)

    शनिवार (फ्लाइट नं. 91763): कोलकाता से बिलासपुर होते हुए सुबह 10:00 बजे अम्बिकापुर आगमन और 10:25 बजे सीधे कोलकाता प्रस्थान करेगी। गुरुवार (फ्लाइट नं. 91765): कोलकाता से सुबह 08:50 बजे अम्बिकापुर आगमन और 09:15 बजे बिलासपुर होते हुए कोलकाता प्रस्थान करेगी।

  • अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर शिक्षिका से 4.5 लाख की ठगी…

    अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर शिक्षिका से 4.5 लाख की ठगी…

    सरगुजा , 30 मार्च (वेदांत समाचार)। जिले में साइबर ठगों ने एक शिक्षिका को अश्लील फोटो वायरल करने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर 4 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को रायपुर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर फोन किया और झूठे आरोप लगाकर मानसिक दबाव बनाया।

    जानकारी के अनुसार, 19 मार्च 2026 को परीक्षा ड्यूटी से लौटते समय शिक्षिका को कॉल आया। ठगों ने कहा कि उनके खिलाफ ऑनलाइन अश्लील सामग्री देखने की शिकायत दर्ज है और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके बाद गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर “सुरक्षा धन” जमा करने का झांसा दिया गया। डर और बदनामी के भय में आकर शिक्षिका ने उनकी बातों पर विश्वास कर लिया।

    19 से 25 मार्च के बीच अलग-अलग किश्तों में यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई। इस दौरान कुछ पैसे उनके पति ने भी चॉइस सेंटर के माध्यम से भेजे। 25 मार्च को ठगों ने फिर कॉल कर तीन दिन में पैसे लौटाने का झूठा आश्वासन दिया और किसी को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। बाद में सहकर्मियों से चर्चा करने पर शिक्षिका को ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • Raigarh Crime : मोबाइल दुकान चोरी से बैंक लूट की साजिश तक का बड़ा खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार, 26 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद

    Raigarh Crime : मोबाइल दुकान चोरी से बैंक लूट की साजिश तक का बड़ा खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार, 26 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद

    रायगढ़, 30 मार्च (वेदांत समाचार)। जिले में मोबाइल दुकान चोरी और बैंकों में लूट की साजिश रचने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई कार्रवाई में 5 आरोपियों और 1 विधि से संघर्षरत बालक सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से दो चारपहिया वाहन, 60 मोबाइल फोन और अन्य सामान सहित करीब 26.47 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है।

    मामले का खुलासा उस समय हुआ जब फरवरी माह में घरघोड़ा थाना क्षेत्र के कुडुमकेला स्थित एक मोबाइल दुकान में हुई बड़ी चोरी के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान 15-16 मार्च को धरमजयगढ़ के ग्रामीण बैंक और 16-17 मार्च की रात जूटमिल स्थित पंजाब नेशनल बैंक में चोरी व लूट के असफल प्रयास सामने आए। घटनाओं के एक जैसे पैटर्न को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।

    जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर घरघोड़ा पुलिस को अहम सुराग मिला। संदेही मोहम्मद अरसलान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मोबाइल दुकान में चोरी और बैंकों में लूट के प्रयास की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना अरसलान था, जिसने अपने हमउम्र युवकों का गैंग बनाकर योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया। आरोपी पहले क्षेत्र में रेकी करते थे और सड़क किनारे स्थित दुकानों व बैंकों को निशाना बनाते थे। कुडुमकेला में मोबाइल दुकान का शटर तोड़कर उन्होंने मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और नगदी चोरी की थी, जिसे बाद में जंगल में छिपाकर बेचने की योजना थी।

    इसके बाद आरोपियों ने धरमजयगढ़ के ग्रामीण बैंक और जूटमिल स्थित पंजाब नेशनल बैंक में भी लूट की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। वारदात के दौरान सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने बैंक के सीसीटीवी सिस्टम तक उखाड़ लिए थे, फिर भी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।

    मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। अन्य थानों में दर्ज मामलों में भी आरोपियों के खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी।

    इस पूरे ऑपरेशन में घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, पुलिस टीम और साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस ने पेशेवर तरीके से संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों व बैंकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे संगठित अपराधों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।