DPI के आदेश से प्राचार्यों और शिक्षकों में नाराजगी
रायपुर, 10 दिसंबर 2025 । छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपते हुए ताजा निर्देश जारी किया है। अब शिक्षक स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों के साथ-साथ सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं की निगरानी करेंगे। आदेश में कहा गया है कि ऐसे जीव स्कूल में न घुसें, इसका ध्यान रखना शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी।
यह निर्देश प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को भेजा गया है। DPI ने इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लेख किया है।
आदेश को बेतुका बताकर जताई नाराजगी
प्राचार्य और प्रधान पाठक इस आदेश से नाराज हैं। उनका कहना है कि जहरीले जीव-जंतुओं की निगरानी करना शिक्षकों के अधिकार क्षेत्र और क्षमता से बाहर है। टीचर्स एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि जब सांप-बिच्छू से खुद शिक्षक जोखिम में पड़ सकते हैं, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा।
शिक्षकों पर बढ़ता दबाव
शिक्षकों का कहना है कि उन पर पहले से ही कई गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियाँ डाली जा चुकी हैं। यदि स्कूल के बच्चे खेलते समय नदी या तालाब की ओर चले जाते हैं और कोई घटना होती है, तो इसकी सीधी जवाबदेही शिक्षक और प्राचार्य पर होगी। जर्जर स्कूल भवन में छात्रों को चोट लगने पर भी दोष शिक्षकों पर आएगा। मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता खराब पाई गई तो कार्रवाई भी टीचरों पर होगी। बच्चों का आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, SIR और स्मार्ट कार्ड बनवाने का काम भी शिक्षक ही संभाल रहे हैं। स्कूल खुलने पर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए घर-घर जाकर पालकों से संपर्क करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है।
शिक्षकों की मांग
शिक्षकों का कहना है कि लगातार बढ़ती जिम्मेदारियाँ शिक्षा पर असर डाल रही हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि स्कूल सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए, ताकि शिक्षक केवल पढ़ाई पर ध्यान दे सकें।



