कोरबा, 09 दिसंबर (वेदांत समाचार)। जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा आने वाले दिनों में बाधित हो सकती है, क्योंकि कर्मचारियों ने ढाई माह से वेतन न मिलने के चलते अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। इससे विशेषकर दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। कोरबा जिले में कुल 11 एम्बुलेंस के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों जरूरतमंदों को आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
कर्मचारियों का कहना है कि पिछले ढाई माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनका जीवन-यापन गंभीर संकट में आ गया है। कई कर्मचारी घर-परिवार की जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहे हैं और आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हैं। 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं से कलेक्टर को पहले भी अवगत कराया था, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारियों ने जनदर्शन में फिर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वेतन दिलाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तीन दिनों के भीतर वेतन नहीं मिला, तो वे सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित कंपनी की होगी।
कर्मचारियों का आरोप है कि 108 एम्बुलेंस सेवा संचालित कर रही जय अंबे नामक कंपनी न केवल समय पर वेतन नहीं दे रही, बल्कि एम्बुलेंस का नियमित रखरखाव भी नहीं करवा रही है। उनका कहना है कि कर्मचारियों को मात्र 9910 रुपए मासिक वेतन दिया जाता है, जबकि उनसे 12 घंटे की ड्यूटी कराई जाती है। एम्बुलेंस का समय पर सर्विस व रिपेयर न होने से सेवा प्रदान करना जोखिम भरा हो गया है और कई वाहन खराब स्थिति में चल रहे हैं।
108 के ड्राइवर चंद्र प्रकाश सिदार ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारियों से कई बार संपर्क करने पर उन्हें यही जवाब मिला कि “समय आएगा तो वेतन मिलेगा, काम करना है तो करो, नहीं तो छोड़ दो।” वहीं, ईएमटी रामेश्वरी कंवर ने बताया कि सेवा में 6 महिला स्टाफ कार्यरत हैं और सभी को वेतन न मिलने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र वेतन जारी नहीं किया गया तो सभी कर्मचारी मजबूरन काम छोड़ देंगे।
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की स्थिति में कोरबा जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों को समय पर उपचार मिलने में समस्या उत्पन्न होना तय है।



