Vedant Samachar

मुस्लिम बने अमन खान कर रहे घर वापसी, फिर से हिंदू बनने के लिए क्या-क्या करना होगा?

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में युवक अमन खान दो साल पहले मुस्लिम लड़की के घरवालों द्वारा किया गए धर्मांतरण को छोड़कर फिर हिन्दू धर्म अपनाने जा रहे हैं. एक धार्मिक समारोह में,मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की उपस्थिति में, युवक को फिर से शुभम गोस्वामी नाम दिया जाएगा. घर वापिसी में सबसे महत्वपूर्ण होता है कि व्यक्ति अपनी स्वतंत्र इच्छा से हिंदू धर्म में लौटना चाहता हो. यह किसी दबाव या लालच में नहीं होना चाहिए. उसके बाद शुद्धि/प्रायश्चित प्रक्रिया से शुभम गोस्वामी को फिर से हिंदू बनाया जाएगा. आइए जानते हैं शुद्धि/प्रायश्चित प्रक्रिया के बारे में जो फिर से धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बने युवक को हिंदू बनाएगी.

हिन्दू बनने के लिए सामान्य प्रक्रिया
कानूनी प्रक्रिया : भारत के कई राज्यों में धर्मांतरण-विरोधी कानून हैं. ऐसे में, व्यक्ति को स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन की घोषणा करते हुए जिलाधिकारी या संबंधित अधिकारी को एक आवेदन देना पड़ सकता है और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ सकता है.

नया नाम और पहचान: कई बार व्यक्ति अपनी नई हिंदू पहचान को दर्शाने के लिए एक नया हिंदू नाम अपनाते हैं.

सामुदायिक स्वीकृति: औपचारिक समारोह के बाद, समुदाय और परिवार द्वारा उस व्यक्ति को हिंदू समाज में वापस स्वीकार करना भी इस प्रक्रिया का एक हिस्सा होता है.

गुफा मंदिर में होगा शुद्धिकरण और ‘घर वापसी’
भोपाल के गुफा मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ अमन खान की वापसी होगी. धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, शुद्धिकरण संस्कार के बाद अमन खान को फिर से शुभम गोस्वामी बनाया जाएगा. यह कार्यक्रम मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की उपस्थिति में संपन्न होगा.

शुद्धि/प्रायश्चित समारोह
शुद्धि और प्रायश्चित हिंदू धर्म में किसी भी पाप या अनिष्ट कर्म से मुक्ति पाने और मन, वचन, और कर्म को शुद्ध करने की तरीके हैं. यह समारोह व्यक्ति को वापस हिंदू समुदाय में स्वीकार करने और उन्हें अतीत के धार्मिक बंधनों से मुक्त करने के लिए किए जाते हैं. इस समारोह का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति के मन और शरीर का आध्यात्मिक शुद्धिकरण करना, अतीत में किए गए गलत कामों के लिए पश्चाताप करना और व्यक्ति को एक नए धार्मिक जीवन के लिए तैयार करना होता है.

शुद्धि/प्रायश्चित की प्रक्रिया
यज्ञ/हवन: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अग्नि में आहुति देना, जिसे शुद्धिकरण का एक प्रमुख तरीका माना जाता है.

पंचगव्य का सेवन: गाय के दूध, दही, घी, गोबर और मूत्र से बना मिश्रण, जिसे शुद्ध करने वाला माना जाता है.

पवित्र जल से स्नान: गंगाजल या अन्य पवित्र नदियों के जल से स्नान करना.

वैदिक मंत्रोच्चारण: पुजारी द्वारा विशेष मंत्रों का पाठ करना.

प्रतिज्ञा: सबसे आखिर में व्यक्ति द्वारा सनातन धर्म के सिद्धांतों का पालन करने की प्रतिज्ञा लेना.

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