Vedant Samachar

लखनऊ में एयरपोर्ट पर फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे, यात्री की हार्ट अटैक से मौत, परिवार ने कहा- तुरंत मदद होती तो बच जाते अनूप

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लखनऊ,08 दिसंबर । चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (अमौसी) पर लगातार फ्लाइट रद्द होने के बीच शुक्रवार रात एक यात्री की हार्ट अटैक से मौत ने हवाई यात्रा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानपुर के कल्याणपुर निवासी 46 वर्षीय अनूप कुमार पांडेय बेंगलुरु लौटने की फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

परिवार ने एयरपोर्ट प्रबंधन और अधिकारियों पर संबंधित मेडिकल सुविधाओं की कमी और लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके बड़े भाई और अधिवक्ता अनिल पांडेय ने बताया कि एयरपोर्ट पर कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था, एम्बुलेंस तुरंत नहीं आई, और अगर 10-15 मिनट में प्राथमिक उपचार या CPR किया जाता तो शायद अनूप की जान बचाई जा सकती थी।

अनूप पांडेय कोका-कोला कंपनी में सेल्स जोनल हेड थे और बेंगलुरु में पत्नी पूजा, बेटी श्रेया (कक्षा 11) और बेटा पारस (हाई स्कूल) के साथ रहते थे। परिजन का कहना है कि लगातार फ्लाइट रद्द होने और लंबे समय तक इंतजार करने के कारण अनूप तनाव में थे। घटना के बाद जब परिवार ने एयरपोर्ट अधिकारियों से CCTV फुटेज और जानकारी मांगी तो कोई सहयोग नहीं मिला। पोस्टमॉर्टम के बाद शव कानपुर लाया गया, जहां बेटी श्रेया पिता के शव से लिपट कर रोने लगी और बेटा पारस प्री-बोर्ड परीक्षा छोड़कर घर पहुंचा।

इस बीच, लखनऊ एयरपोर्ट पर इंडिगो हड़ताल और खराब मौसम के कारण पिछले पांच दिनों से उड़ानें प्रभावित हैं। रविवार को भी 33 फ्लाइटें रद्द हुईं और 740 यात्री टिकट कैंसिल कर चुके थे। यात्रियों ने DGCA से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना फ्लाइट रद्द करना और एयरपोर्ट पर बेसिक मेडिकल इमरजेंसी सुविधाओं की कमी, यात्रियों के साथ अन्याय है।

अनूप पांडेय की मौत ने एयरपोर्ट सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को उजागर किया है। परिजन अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं और यह सवाल उठ रहा है कि यात्री कब तक फ्लाइट कैंसिलेशन और लापरवाही की दोहरी मार झेलते रहेंगे।

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