बिलासपुर, 06 मई 2026 (वेदांत समाचार)। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
बैठक में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिलों के पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। समीक्षा के दौरान आईजी ने लंबित प्रकरणों के निराकरण, गंभीर अपराधों पर नियंत्रण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया।
आईजी राम गोपाल गर्ग ने बताया कि रेंज में धारा 173(8) सीआरपीसी/193(9) बीएनएसएस के तहत कुल 752 प्रकरण लंबित हैं, जिनमें सबसे अधिक मामले कोरबा (222) और बिलासपुर (145) जिले में हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष 2021 और उससे पहले के सभी लंबित मामलों का आगामी दो महीनों में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर चालान पेश करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों की समीक्षा करते हुए आईजी ने ऐसे मामलों में संलिप्त आरोपियों पर कड़ी निगरानी रखने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रक्रियात्मक सुधारों पर जोर देते हुए आईजी ने निर्देश दिए कि किसी भी अस्पताल से एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) प्राप्त होने पर संबंधित थाना प्रभारी 24 घंटे के भीतर घटना क्षेत्र के थाने को सूचित करें। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किए बिना पंचनामा और बयान की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए, ताकि जांच में देरी न हो।
तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। मानस पोर्टल के जरिए नारकोटिक्स से जुड़े सभी इनपुट का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिला एएनटीएफ को दी गई। इसके अलावा सशक्त एप में पुलिसिंग डेटा को नियमित रूप से अपडेट करने और अनुभव एप के माध्यम से आम जनता से स्वैच्छिक फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में आईजी ने सभी अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावी पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण के लिए जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।

