भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था, बदलती लाइफस्टाइल और युवाओं की बढ़ती खरीद क्षमता अब सिर्फ बाजारों को ही नहीं, बल्कि बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की रणनीति को भी बदल रही है. इसी बदलाव को समझते हुए फ्रेंच डिस्टिलर पर्नोड रिकार्ड जो ब्लेंडर्स प्राइड और रॉयल स्टैग जैसे लोकप्रिय ब्रांड बनाती है, ने एक बड़ा दावा किया है. कंपनी के मुताबिक आने वाले समय में भारत, अमेरिका को पीछे छोड़कर उनका दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बन सकता है.
भारत की बढ़ती ताकत
ET की एक रिपोर्ट में बताया गया कि पर्नोड रिकार्ड इंडिया के CEO जीन टूबौल का कहना है, भारत में आय लगातार बढ़ रही है और शराब पीने के प्रति लोगों की सोच पहले जैसी रूढ़िवादी नहीं रही. हर साल लगभग 2 करोड़ नए युवा ‘लीगल एज’ में प्रवेश करते हैं, और इनकी पसंद सामान्य शराब की बजाय ज्यादा प्रीमियम ब्रांड्स की तरफ बढ़ रही है. यह ट्रेंड कंपनी के लिए बड़ा अवसर है.
पर्नोड रिकार्ड इंडिया के CEO का मानना है कि वह किसी टाइमलाइन की भविष्यवाणी नहीं कर सकते, लेकिन मैक्रोइकोनॉमिक ट्रेंड्स साफ बताते हैं कि यह दिन ज्यादा दूर नहीं है जब भारत, US को पीछे छोड़ देगा. पिछले फाइनेंशियल ईयर में भारत ने कंपनी की ग्लोबल सेल्स में 13% योगदान दिया, जो चीन को पछाड़ते हुए US के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया.
इम्पीरियल ब्लू की सेल
कंपनी ने हाल ही में अपना मशहूर ब्रांड इम्पीरियल ब्लू तिलकनगर इंडस्ट्रीज को बेच दिया है. यह कदम उसकी उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत पर्नोड रिकार्ड भारत में ज्यादा प्रीमियम ब्रांड्स पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है. कंपनी का मानना है कि भारत में हाई-एंड सेगमेंट की ग्रोथ सबसे तेज है और यह आने वाले वर्षों में बड़ा बिजनेस बनाएगा.
इसी दिशा में कंपनी ने भारतीय बाजार के लिए व्हिस्की, जिन, वोडका, रम और ब्रांडी की लोकल मल्टी-कैटेगरी रेंज पेश की है. उम्मीद है कि आने वाली ग्रोथ का करीब 25% हिस्सा इनोवेशन से आएगा और नए ब्रांड्स अकेले लगभग 10% योगदान देंगें.
अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां, लेकिन भारत में मजबूत ग्रोथ
ग्लोबल स्तर पर, US और चीन जैसे बड़े बाजारों में डिमांड कम होने और डी-स्टॉकिंग की वजह से पर्नोड रिकार्ड की सेल्स में गिरावट देखी गई है. भारत भी पूरी तरह इससे अछूता नहीं रहा. महाराष्ट्र में एक्साइज़ पॉलिसी बदलने से शुरुआती झटका लगा लेकिन फिर भी कंपनी की सेल्स Q1 FY26 में 3% बढ़ी, जो बाजार की क्षमता दिखाती है.
प्रीमियम पर दांव, कंपनी का भविष्य
CEO का कहना है कि जैसे-जैसे कंपनी लोअर कैटेगरी ब्रांड्स से बाहर आकर प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस बढ़ा रही है, वैसे-वैसे उसकी ग्रोथ का स्पीड भी बढ़ेगी. भारत में प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम ड्रिंक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. कंपनी का दावा है कि इस ट्रेंड की वजह से भारत अगले कुछ सालों में ‘सबसे तेज ग्रोथ वाला अल्कोहल मार्केट’ बन सकता है.



