बिलासपुर,03 दिसंबर (वेदांत समाचार) । बिलासपुर-पेंड्रा रोड के केंदा घाटी में मंगलवार शाम एक यात्री बस मोड़ पर कंक्रीट वॉल से टकराकर बेकाबू होकर पलट गई। पास स्थित पेड़ के सहारे बस टिक गई, वरना पेड़ के बगल में करीब 40 फीट गहरी खाई में गिरकर बड़ा हादसा हो सकता था।
हादसे में एक यात्री की मौत हो गई, जबकि पांच यात्री घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना कोटा थाना क्षेत्र के केंदा चौकी इलाके में हुई है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
बताया गया है कि बस दीप ट्रैवल्स की थी और यह बिलासपुर और मरवाही के बीच चलती है। बस (CG 10 G 0336) मरवाही से बिलासपुर के लिए रवाना हुई थी। इसे ड्राइवर अर्जुन कश्यप चला रहे थे और बस में 31 यात्री सवार थे।
देर शाम पेंड्रा और गौरेला होते हुए बस कारीआम के आगे केंदा घाटी पहुंची। इस मार्ग पर जर्जर सड़क और निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके कारण सड़क की स्थिति बेहद खराब थी।
घाटी में जगह-जगह खतरनाक मोड़ हैं। जर्जर सड़क पर एक मोड़ में बस बेकाबू हो गई और देखते ही देखते सड़क किनारे बनी कंक्रीट दीवार से टकराते हुए पेड़ के सहारे दो पहियों पर लटक गई। इससे भीतर बैठे यात्री एक तरफ गिर पड़े। हादसे में ग्राम केंदा सेमरी निवासी यशपाल कंवर (20) को गंभीर चोटें आईं, जबकि पांच अन्य यात्री भी घायल हो गए।
एक की मौत, कूदकर भाग निकला ड्राइवर
हादसे के बाद डरे-सहमे यात्रियों ने एक-दूसरे की मदद करते हुए किसी तरह बस से बाहर निकलना शुरू किया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। इससे पहले ड्राइवर बस से कूदकर फरार हो गया था। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंच गई।
घायल यात्री यशपाल को एम्बुलेंस से रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, यशपाल अपने रिश्तेदार के घर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मुरमुर गया हुआ था। उधर, बेलगहना चौकी पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बस में सवार यात्री राजकुमार ने बताया कि घाटी में सड़क बेहद खराब है, इसके बावजूद ड्राइवर तेज रफ्तार से बस चला रहा था। जैसे ही बस घाट पर मुड़ी और पहिया गड्ढे में पड़ा, वाहन बेकाबू होकर सड़क से नीचे उतर गया।
इसके बाद बस ड्राइवर के नियंत्रण से बाहर हो गई। कंक्रीट वॉल से टकराने के बाद बस पेड़ के सहारे लटक गई, वरना यात्रियों से भरी बस सीधे 40 फीट गहरी खाई में गिर सकती थी।



