Vedant Samachar

रिलायंस में आएगी कमाई की नई लहर, 2026 में निवेशकों को हो सकता है बड़ा फायदा…

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रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) अपने अब तक के सबसे बड़े मोनेटाइजेशन साइकिल में कदम रख रही है. कोविड के बाद कंपनी ने लगभग $80 बिलियन का भारी निवेश किया था, और अब ब्रोकरेज और निवेशक इसे चौथी मोनेटाइजेशन वेव के रूप में देख रहे हैं. कंपनी के पास कोई बड़े कर्ज का दबाव नहीं है और बैलेंस-शीट मजबूत है. फोकस सिर्फ 5G, AI-पावर्ड डेटा सेंटर, ग्लोबल रिफाइनिंग और न्यू एनर्जी पर है, जो ऑपरेटिंग कैश-फ्लो को बढ़ाएंगे.

चौथी वेव की खास बातें
ET ने मॉर्गन स्टेनली के एक विश्लेषक के हवाले से बताया कि, यह चौथी वेव पिछले 30 सालों में रिलायंस की चौथी बड़ी मोनेटाइजेशन साइकिल है. नए निवेश, जैसे टेलीकॉम, रिटेल और ऑयल-टू-केमिकल्स 2026 से कंपनी को बड़े वित्तीय लाभ पहुंचाएंगे. इस बार कैपेक्स बढ़ने के बावजूद नेट कर्ज पर कोई दबाव नहीं होगा. इसका मतलब है कि रिलायंस अपने निवेश से सीधे कैश-फ्लो में रिटर्न प्राप्त कर सकती है.

JIO: डिजिटल और 5G डॉमिनेंस
जियो में अब फोकस क्वालिटी सब्सक्राइबर, टैरिफ बढ़ाने और फिक्स्ड वायरलेस यूजर्स पर है. FY27 तक, जियो का ब्लेंडेड ARPU लगभग ₹236 प्रति माह तक पहुंचने का अनुमान है. इसके साथ ही आने वाला IPO और होम ब्रॉडबैंड मार्केट में बढ़ता शेयर कंपनी के कैश-फ्लो को और मजबूत करेगा. जियो का डिजिटल बिजनेस 5G टेक्नोलॉजी और एंटरप्राइज मार्केट से तेजी से लाभ कमाने के लिए तैयार है.

रिटेल: क्विक कॉमर्स और खुद का लेबल
रिटेल सेक्टर में रिलायंस ने अपने स्टोर्स को अपडेट किया है और क्विक कॉमर्स व अपने ब्रांडेड प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित किया है. मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, FY27 तक रिटेल सेक्टर का रेवेन्यू लगभग ₹3.9 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है, और EBITDA ग्रोथ लगभग 100% के आसपास होगी. यह कंपनी के लिए एक स्थिर और लंबे समय तक लाभ देने वाला सेक्टर बन रहा है.

ग्लोबल रिफाइनिंग में एक नया मोड़
रिलायंस को ग्लोबल रिफाइनिंग में एक नया ‘गोल्डन एज’ देखने को मिल सकता है. कम नए निवेश और मौजूदा कैपेसिटी से यह सेक्टर 2027 तक $11-12 प्रति बैरल के ग्रॉस मार्जिन दे सकता है. रिफाइनिंग के अलावा, केमिकल्स में चीन की सप्लाई-साइड रिफॉर्म्स और रिकवरी कंपनी के मार्जिन को स्थिर करेंगे.

न्यू एनर्जी और AI: भविष्य की तैयारी
चौथी मोनेटाइजेशन वेव का सबसे फ्यूचरिस्टिक हिस्सा है AI और नई एनर्जी का इंटीग्रेशन. रिलायंस 10 GW सोलर मैन्युफैक्चरिंग चेन, बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और AI-सपोर्टेड पावर सॉल्यूशंस में विस्तार कर रही है. AI डेटा-सेंटर में GPU-एज-ए-सर्विस मॉडल के जरिए कंपनी को उच्च रिटर्न और क्लीन एनर्जी में स्थिरता मिलेगी. नए एनर्जी वेंचर से पहली कमाई FY27 में मिलने का अनुमान है.

RIL के लिए मॉर्गन स्टेनली का टारगेट
ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने चौथी मोनेटाइजेशन वेव के आधार पर RIL को ओवरवेट रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट ₹1,701 रखा है. ब्रोकरेज का मानना है कि नए निवेशों से ग्रुप की नेट एसेट वैल्यू और कैश-फ्लो प्रोफाइल मजबूत होगी. अगर रिफाइनिंग मार्जिन अनुमान से बेहतर रहा और डिजिटल व न्यू एनर्जी प्लेटफॉर्म्स जल्दी मोनेटाइज़ हुए, तो रिटर्न और भी अधिक हो सकता है.

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