Vedant Samachar

क्या शेयर बाजार के बाद अब बिटकॉइन में लौटने वाली है रौनक, ये हैं बड़े कारण…

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नई दिल्ली,28नवंबर : दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन लगभग एक हफ्ते में पहली बार $91,000 के ऊपर पहुंच गई. पिछले एक महीने की गिरावट के बाद इसमें कुछ सुधार देखा गया. जोखिम वाली संपत्तियों में बढ़त और बाजार का शांत होना ट्रेडरों को कीमतें ऊपर ले जाने का मौका दे रहा है. इसी दौरान शेयर बाजार भी टूट गया था. लेकिन, बीते 2-3 कारोबारी दिनों से उसमें शानदार रौनक देखी जा रही है. चाहे भारतीय बाजार हो या फिर अमेरिकी बाजार दोनों ही हरे निशान के साथ बंद हो रहे हैं. ऐसे में अब यह सवाल है कि क्या फिर से बिटकॉइन अपने रिकॉर्ड की ओर जाएगा. आइए इसको डिटेल में समझते हैं.

बिटकॉइन के साथ अन्य क्रिप्टोकरेंसी भी चढ़ी हैं. पिछले 24 घंटों में एथेरियम 3.75% बढ़ा और $3,000 के ऊपर निकल गया. XRP, BNB, सोलाना, ट्रॉन, डॉगकॉइन, कार्डानो और हाइपरलिक्विड जैसे कई बड़े ऑल्टकॉइन भी 4% से ज्यादा बढ़े हैं. बुधवार को बिटकॉइन 4% बढ़कर $90,460 पर पहुंचा, जबकि अक्टूबर की शुरुआत में यह $126,000 के रिकॉर्ड स्तर पर था. यानी वहां से यह लगभग 28% नीचे है. हालांकि, गुरुवार को मामूली गिरावट देखी गई. मगर वह मामूली ही है. रिकवरी के पूरे चांस दिख रहे हैं.

क्यों बढ़ा बिटकॉइन?
कॉइनस्विच मार्केट्स ने कहा कि दिन भर BTC $86,500 $87,500 के बीच शांत रहा, लेकिन अचानक तेज उछाल के बाद यह $91,000 तक पहुंच गया. यह उछाल शॉर्ट-स्क्वीज की वजह से आया. इससे 24 घंटे में बिटकॉइन में 4.4% की बढ़त हुई है. साथ ही पिछले 4 में से 2 दिनों में BTC ETF में निवेश बढ़ा है, जो बताता है कि बड़ी कंपनियों और संस्थानों की दिलचस्पी दोबारा बढ़ रही है.

बिटकॉइन में गिरावट के बाद हल्की रिकवरी आई. नई खरीदारी और पूरे बाजार में बेहतर माहौल ने इसे सहारा दिया. मुड्रेक्स के सीईओ एडुल पटेल के मुताबिक, रातोंरात एक्सचेंजों से अनुमानित 18 लाख बिटकॉइन निकाले गए, जिससे माना जा रहा है कि बड़ी संस्थाओं की गतिविधि बढ़ रही है.

क्रिप्टो मार्केट
क्रिप्टो मार्केट का रुझान शेयर बाजार की तरह ही रहा, क्योंकि उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरें घटा सकता है. अमेरिकी बेरोजगारी दावे उम्मीद से कम रहे और PPI भी स्थिर रहा, जिससे फेड की दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत हुई. वजीरएक्स ने कहा कि जापानी मुद्रा येन के कमजोर होने से जोखिम वाली संपत्तियों से पैसा बाहर जा सकता है. अगर जापान वित्तीय स्थिति सख्त करता है, तो इसका असर दिख सकता है. हालांकि लिक्विडिटी थोड़ी सुधरी है, लेकिन शुरुआत में ज्यादा मजबूत माहौल नहीं दिख रहा है.

मिंट की रिपोर्ट में, Pi42 के सीईओ अविनाश शेखर का कहना है कि ट्रेडरों में भरोसा कम दिख रहा है. कीमतें एक सीमित दायरे में चल रही हैं. कई लोग नई स्थिति लेने से पहले साफ संकेत का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाजार में अभी सतर्कता है. खरीदारों में इतनी ताकत नहीं कि बड़ा ब्रेकआउट करें और विक्रेता भी कीमत को बहुत नीचे नहीं ले जा पा रहे. इसलिए बाजार इंतजार की स्थिति में है. अगली बड़ी चाल शायद किसी बड़े आर्थिक डेटा, तरलता में बदलाव या डेरिवेटिव्स मार्केट से मिलने वाले नए संकेतों पर निर्भर करेगी.

बिटकॉइन का ट्रेंड
मुड्रेक्स के एडु पटेल के अनुसार, अगर छोटे निवेशकों की मांग इसी तरह बढ़ती रही तो बिटकॉइन $95,000 पार कर सकता है. इस स्तर के ऊपर जाने पर तेजी और मजबूत होगी और नई ऊंचाइयां देखने को मिल सकती हैं. डेल्टा एक्सचेंज की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल ने कहा कि दिसंबर में फेड द्वारा ब्याज दरें घटाने की उम्मीद, $96 मिलियन के ETF निवेश और बढ़ती संस्थागत दिलचस्पी के कारण एथेरियम $3,000 के आसपास टिके रहने की कोशिश कर रहा है. अगर यह $3,130 के ऊपर निकला तो $3,400 की ओर जा सकता है. नीचे इसका मजबूत सपोर्ट $2,970 पर है.

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