Vedant Samachar

अहिर कंपनी की कहानी को 120 बहादुर ने दिया सच्चा सम्मान, विरोधियों को अब देखनी चाहिए फिल्म

Vedant samachar
3 Min Read

मुंबई। एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की 120 बहादुर अब एक ऐसी फिल्म बनकर सामने आई है, जो अहिर समुदाय के ऐतिहासिक सैन्य योगदान को ताकत और सम्मान के साथ दिखाती है। हम देख रहे हैं कि फिल्म ने दर्शकों के बीच नई बातचीत शुरू कर दी है, खासकर उन लोगों के बीच जिन्होंने पहले इसके प्रतिनिधित्व पर चिंता जताई थी।

पूरी कहानी में फिल्ममेकर्स ने अहिर सैनिकों की बहादुरी, अनुशासन और बलिदान को बड़ी ईमानदारी से पिरोया है। हम देखते हैं कि दर्शक और आलोचक दोनों ही इस बात की तारीफ कर रहे हैं कि अहिरों के साहस को सिर्फ दिखाया नहीं गया है, बल्कि अच्छी तरह रिसर्च की गई कहानी, असली बोलचाल और संस्कृति से जुड़ी परफॉर्मेंस के ज़रिए मनाया गया है।

जब पहले विरोध हो रहे थे और सवाल उठ रहे थे कि क्या फिल्म में सही तरह से दिखाया जाएगा या नहीं, अब ऑन-स्क्रीन दिखाई गई तस्वीर लोगों को भरोसा देती दिख रही है। कई लोग अब ये मानते हैं कि जिन्होंने आपत्ति उठाई थी, उन्हें फिल्म दोबारा देखनी चाहिए, इस बार खुले मन से क्योंकि इसमें अहिर समुदाय की पहचान को बहुत सम्मान के साथ दिखाया गया है: फ़र्ज़, सम्मान और अटूट बहादुरी।

फिल्म 120 बहादुर 1962 के युद्ध में लड़ी गई मशहूर रेजांग ला की लड़ाई में भारतीय सेना की 13 कुमाऊं रेजिमेंट के 120 जवानों की अद्भुत वीरता को दिखाती है। फिल्म में फरहान अख्तर मेजर शैतान सिंह भाटी (पीवीसी) की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर हर मुश्किल का सामना किया और भारतीय सेना के इतिहास की सबसे यादगार लड़ाइयों में से एक में बहादुरी की मिसाल पेश की। ऐसे बता दें कि इस फिल्म के दिल में एक दमदार पंक्ति गूंजती है: “हम पीछे नहीं हटेंगे।” यह पंक्ति अडिग संकल्प और अटूट देशभक्ति को दर्शाती है।

120 बहादुर का निर्देशन रजनीश ‘रेज़ी’ घई ने किया है और इसे रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर (एक्सेल एंटरटेनमेंट) और अमित चंद्रा (ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़) ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 21 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।

Share This Article