रायपुर,22 नवम्बर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में अचल संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से जुड़ी नई गाइडलाइन दरें 20 नवंबर 2025 से प्रभावशील होंगी। पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक मुद्रांक कार्यालय ने सभी कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में जमीन की गाइडलाइन दरों में 150 से 400 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर यह महत्वपूर्ण संशोधन 25 साल बाद लागू किया जा रहा है। नई गाइडलाइन से रजिस्ट्री की प्रक्रिया सरल होगी और भ्रम, विसंगतियां serta अतिरिक्त शुल्क समाप्त होंगे। इससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई गाइडलाइन में बाजार मूल्य निर्धारण की गणना के कई मानक तय किए गए हैं, जैसे—मुख्य मार्ग से दूरी, किस तल पर संपत्ति स्थित है, किस परिस्थिति में मूल्य में कितना बढ़ोतरी होगी आदि। इन्हीं आधारों पर रजिस्ट्री के दौरान संपत्ति का बाजार मूल्य निर्धारित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2000 से लागू पुराने नियमों में अब तक कोई संशोधन नहीं किया गया था।

पुरानी गाइडलाइन में कई तकनीकी खामियां थीं। उदाहरण के तौर पर मुख्य मार्ग के आधार पर बाजार मूल्य निर्धारित करने का प्रावधान तो था, लेकिन ‘मुख्य मार्ग’ की स्पष्ट परिभाषा ही नहीं दी गई थी, जिससे मूल्य निर्धारण में असंगतियां उत्पन्न होती थीं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर गाइडलाइन नियमों के पुनरीक्षण का लक्ष्य यह रखा गया कि नियम सरल, संक्षिप्त, पारदर्शी और जनहितैषी हों। साथ ही मानवीय हस्तक्षेप कम कर प्रक्रिया को सॉफ्टवेयर आधारित बनाया जाए ताकि मूल्य निर्धारण स्वतः लागू हो सके।
इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए ‘जारी बाजार मूल्य गणना संबंधी उपबंध-2025’ तैयार किए गए हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण और नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे राज्य में संपत्ति पंजीयन की व्यवस्था अधिक पारदर्शी, सटीक और उपयोगकर्ता हितकारी बनेगी।



