कोरबा, 21 नवंबर (वेदांत समाचार)। ऑनलाइन खरीदारी में गड़बड़ी और उपभोक्ता को गलत व खराब उत्पाद भेजने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम, कोरबा ने अमेजन इंडिया के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। फोरम ने अमेजन को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता इशांक यश गौतम को प्राप्त टूटा-फूटा लेपटॉप वापस लेकर उसी मॉडल का नया लैपटॉप उपलब्ध कराए, अथवा 55,071 रुपये की समतुल्य राशि 45 दिनों के भीतर अदा करे। यह आदेश 31 अक्टूबर 2025 को पारित किया गया। मामले की पैरवी अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने की।
मामला उस समय शुरू हुआ जब जमनीपाली, दर्री निवासी इशांक यश गौतम ने 13 अक्टूबर 2024 को अमेजन इंडिया के माध्यम से HP 15 Core i5 13th Gen मॉडल का लैपटॉप 55,071 रुपए में ऑर्डर किया था। पैकेट की डिलीवरी मिलने के बाद जब शिकायतकर्ता ने उसे खोला, तो उसमें ऑर्डर किया गया उत्पाद न होकर किसी अन्य कंपनी का टूटा-फूटा लैपटॉप निकला।
शिकायतकर्ता ने अमेजन से कई बार संपर्क कर उत्पाद बदलने की मांग की, लेकिन कंपनी की ओर से न तो बदली की कार्यवाही की गई और न ही राशि लौटाई गई। मजबूर होकर इशांक ने 20 जुलाई 2025 को जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद प्रस्तुत किया। शिकायत में दोषपूर्ण उत्पाद के बदले सही सामान उपलब्ध कराने, भुगतान की गई राशि लौटाने, मानसिक प्रताड़ना, समय की हानि तथा वकालत शुल्क सहित मुआवजा देने की मांग की गई।
अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने सुनवाई के दौरान फोरम के समक्ष साक्ष्यों और दस्तावेजों के माध्यम से यह साबित किया कि अमेजन ने उपभोक्ता को गलत और खराब उत्पाद भेजा है। प्रस्तुत साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए फोरम ने शिकायतकर्ता की बात सही पाई और अमेजन को निर्धारित अवधि में निर्देश का पालन करने का आदेश दिया।
फोरम के इस निर्णय को उपभोक्ताओं के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे ऑनलाइन खरीदारी में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक संदेश जाएगा।



