कोरबा,21 नवम्बर 2025। दीपका खदान क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से माहौल गर्म है। सीबीआई की टीम लगातार SECL दीपका क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है और अधिग्रहण से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों की बारीकी से जांच कर रही है। सूत्र बताते हैं कि जांच का केंद्र विशेष रूप से ग्राम मालगांव का अधिग्रहण है।जिस पर अनियमितताओं को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज हैं।इसी के साथ ग्राम हरदी बाजार, जहां भविष्य में अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रस्तावित है, अब जांच एजेंसी की विशेष निगरानी में आ चुका है।
सीबीआई की तीव्र पूछताछ से गलियारों में सन्नाटा, अधिकारियों में बेचैनी साफ! सूत्रों के अनुसार सीबीआई टीम ने पिछले दिनों भूमि रिकार्ड,मुआवजा दस्तावेज,वित्तीय स्वीकृतियाँ,नाप-जोख संबंधित मूल कागजात और अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़े पावर-पॉइंट प्रेजेंटेशन जैसे महत्वपूर्ण फाइलों की गहराई से जांच की है।
SECL ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है,लेकिन आंतरिक दफ्तरों में तनाव और असहजता साफ महसूस की जा रही है। ग्रामीणों की उम्मीदें बढ़ीं है अब तो पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए
मालगांव के ग्रामीणों का दावा है कि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा और प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल वर्षों से अनुत्तरित हैं। सीबीआई की मौजूदगी से लोगों में नई उम्मीद जगी है कि “अब फाइलों की धूल हटने ही वाली है। हरदी बाजार में भी लोग सतर्क और चौकन्ने हैं। उनका कहना है कि यदि मालगांव प्रकरण में अनियमितताओं की पुष्टि हुई, तो इसका असर आने वाले अधिग्रहणों पर भी पड़ेगा।
जांच और गहरी जाएगी, टीम के फिर लौटने के संकेत स्थानीय सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की पड़ताल अभी खत्म नहीं हुई है। जांच का दायरा और बड़ा हो सकता है और टीम जल्द ही दोबारा दीपका क्षेत्र लौटने की तैयारी में है।खनन क्षेत्र में केंद्र की शीर्ष एजेंसी की लगातार सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि यह मामला संवेदनशील भी है और अहम भी।



