ग्वालियर,19नवंबर: ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र निवासी फौजी देवेंद्र राजावत जो ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी सेनाओं के दांत खट्टे करने वाले फौजी के रूप में तैनात रहे हैं को शादी के केवल 3 दिन बाद ही अपनी पत्नी से धोखा मिला। फौजी ने बताया कि पत्नी वंदना चौहान घर से अचानक गायब हो गई, जिसके बाद उसे और उसकी मां को खतरा महसूस होने लगा। देवेंद्र ने साफ कहा कि यह खतरा किसी और से नहीं बल्कि उसकी पत्नी और उसके जीजा से है।
शादी के बाद पत्नी ने किया धोखा
फौजी का कहना है कि वह इंदौर का राजा रघुवंशी नहीं बनना चाहते, बल्कि एक सिविलियन थे, इसलिए पत्नी की बातों में आ गए। लेकिन अब उन्होंने पत्नी के खिलाफ पुख्ता सबूत इकट्ठा कर लिए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि पत्नी उसके घर वाले और जीजा कभी भी उनकी और उनकी मां की हत्या कर प्रॉपर्टी हथियाने की कोशिश कर सकते हैं। गोला का मंदिर निवासी देवेंद्र राजावत की शादी को छह महीने हुए हैं। इस दौरान पत्नी वंदना ने साफ कर दिया था कि उसके घर वालों ने बिना उसकी मर्जी शादी कर दी है। पहली सुहाग रात को ही वंदना ने देवेंद्र को उसके शरीर से हाथ लगाने नहीं दिया और चार शर्तें रख दीं चार साल तक वह कोई बच्चा नहीं करेगी। मां के नाम की प्रॉपर्टी उसे हस्तांतरित करनी होगी। और दो ऐसी शर्तें जिन्हें सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा।
क्यों डर रहा है अपनी पत्नी और जीजा से?
मई 2025 में देवेंद्र ने पत्नी को मना कर घर लौटाया, लेकिन एक दिन बाद वंदना अपने जीजा कमल किशोर तोमर के साथ घर से चली गई। देवेंद्र का कहना है कि वंदना को छोड़कर जाना पड़ा क्योंकि उसकी ऑपरेशन सिंदूर में ड्यूटी लगी थी। देवेंद्र का आरोप है कि उसका जीजा और घर के अन्य लोग लगातार धमकाते रहे। एक बार कमल किशोर और वंदना के परिवार ने देवेंद्र और उसकी मां को पीटा। वंदना का भाई आगरा के सदर थाने में दरोगा है जबकि वंदना मुरैना के ब्लड बैंक में तैनात है। फौजी का डर है कि उसकी गैर-मौजूदगी में मां को खतरा हो सकता है।
वंदना के परिवार ने देवेंद्र से 50 लाख रुपए की मांग भी की है। देवेंद्र का आरोप है कि कमल किशोर तोमर रेत और शराब के अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ है। देवेंद्र ने पिछले महीने भी जनसुनवाई में आवेदन दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पुलिस ने कहा है कि दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



