बीते हफ्ते बिहार इलेक्शन के एक्जिट पोल और रिजल्ट से मार्केट में थोड़ी बहुत हलचल देखने को मिली. इसके साथ ही गोल्ड बाजार में भी उठा-पटक का दौर साफ देखने को मिला. महीने की शुरुआत में 24 कैरेट सोना 1,24,590 रुपये प्रति 10 ग्राम था, लेकिन सप्ताह के अंत तक यह घटकर 1,23,910 रुपये रह गया. हालांकि इस दौरान कुछ दिन ऐसे भी आए जब सोने के दाम तेजी से बढ़े. मगर सोने के दाम हफ्ते भर में कम ही हुए हैं. आइए जानते हैं, इस हफ्ते कीमतों में क्या बदलाव हुए और इनके पीछे क्या कारण रहे.
सोना कभी चढ़ा, कभी गिरा
सोने के दाम बीते 10 नवंबर को 1,24,590 रुपये प्रति 10 ग्राम पर थे. जो कि अगले दिन यानी 11 तरीख को थोड़ा गिरकर 1,24,380 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर बंद हुए. मगर गिरावटल का ट्रेंड अगले ही दिन टूट गया. 12 नवंबर के रोज सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला और सोना करीब 3 हजार रुपये बढ़कर 1,27,080 रुपये पर पहुंच गया. यह तेजी 13 नवंबर को भी जारी रही. हालांकि, 14 नवंबर को बाजार शांत होते ही दाम गिरकर 1,23,900 रुपये हो गए और 15 तारीख को भी कीमत लगभग इसी स्तर पर बनी रही.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी 14 नवंबर को सोना करीब 1,23,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो पिछले दिन से 2.64% की बड़ी गिरावट थी. यह गिरावट तकनीकी सुधार का संकेत भी मानी जा रही है.
कीमतों में उतार-चढ़ाव क्यों आया?
सोने की कीमतें मुख्य रूप से वैश्विक हालात और निवेशकों की धारणा पर टिकी रहती हैं. 12 नवंबर को अमेरिकी सरकार का शटडाउन खत्म हुआ, जिससे बाजार में थोड़ी राहत आई. वहीं, अनिश्चित माहौल में सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए दाम ऊपर गए. इसके साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर घटने की उम्मीद ने भी सोने की मांग बढ़ाई. लेकिन जब वैश्विक बाजार स्थिर होने लगे, तो निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए सोना बेचना शुरू किया, जिससे दाम नीचे आ गए.
चांदी का हाल
सोने की तरह चांदी के दामों में भी उतार-चढ़ाव रहा है. एक हफ्ते पहले चांदी 1,48,330 रुपये प्रति किलो थी. कुछ दिनों में इसमें तेजी आई और 15 नवंबर को चांदी 1,56,160 रुपये प्रति किलो पहुंच गई. यह साफ दिखाता है कि चांदी भी सोने की तरह दुनिया के आर्थिक हालात से जुड़ी हुई है.



