जींद जिले में प्रशासन की सख्ती के बावजूद शुक्रवार को पराली जलाने के 11 नए मामले सामने आए। जिला प्रशासन लगातार टीमों को फील्ड में उतारकर मॉनिटरिंग कर रहा है, फिर भी पराली जलाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब तक जिले में पराली जलाने के कुल मामलों की संख्या 89 हो गई है।
वहीं, शुक्रवार को विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए नौ किसानों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले गुरुवार को 32 किसानों की गिरफ्तारी हुई थी। इसके साथ ही जिले के कई इलाकों में ग्रैब-3 नियमों की अवहेलना की शिकायतें भी मिल रही हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर नरवाना सदर थाना पुलिस ने झील गांव निवासी दलवीर और सुलहेड़ा गांव निवासी शमशेर सिंह के खिलाफ पराली जलाने के मामले दर्ज किए। उचाना थाना पुलिस ने अलीपुरा निवासी रघुवीर, गुरुकुल खेड़ा निवासी नवीन, करसिंधू निवासी बिजेंदर और प्रदीप पर मामले दर्ज किए। इसके अलावा मांडी कलां निवासी रंजीत, लीलाराम और दिनेश, काबरछा निवासी आशीष और छातर गांव निवासी अनूप पर भी कार्रवाई की गई।
अलेवा थाना पुलिस ने थुआ गांव के ईश्वर, डाहौला निवासी युद्धवीर और नगूरां निवासी सतीश को गिरफ्तार किया। गढ़ी थाना पुलिस ने उझाना निवासी संदीप, रामकेश और राजेंद्र, पीपलथा निवासी गुरदेव सिंह और कालवन निवासी नरेश को हिरासत में लिया। जुलाना थाना पुलिस ने मेहरड़ा गांव निवासी सुरेंद्र को भी गिरफ्तार किया है।
इस बीच पराली रोकथाम के लिए अधिकारी फील्ड में लगातार दौरे कर रहे हैं। एसडीएम सत्यवान मान और एसडीएम जगदीश चंद्र गांव-गांव जाकर किसानों से अपील कर रहे हैं कि पराली न जलाएं। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर जलती पराली मिलने पर अधिकारियों ने दमकल के इंतजार के बजाय खुद आग बुझाने में सक्रिय भूमिका निभाई।



