मार्गशीर्ष माह भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है. इस माह पड़ने वाली अमावस्या भी बहुत विशेष और महत्वपूर्ण मानी जाती है. अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित किया गया है. इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है. इस दिन दान-पुण्य भी किया जाता है. इस दान-पुण्य करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. वहीं, इस दिन भगवान शिव के पूजन का भी विधान हिंदू धर्म शास्त्रों में है.
मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन भगवान शिव का पूजन करने जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं. साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें अर्पित जाती हैं. मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग पर विशेष चीजें अर्पित करने से व्यक्ति की किस्मत चमक उठती है. ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन शिवलिंग पर क्या चीजें अर्पित करनी चाहिए?
मार्गशीर्ष अमावस्या कब है? (Margashirsha Amavasya 2025 Kab Hai)
पंचांग के अनुसार, इस बार मार्गशीर्ष माह की अमावस्या तिथि 9 नवंबर 2025 की सुबह 9 बजकर 43 मिनट शुरू हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन 20 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 16 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, इस बार मार्गशीर्ष अमावस्या 20 नवंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी.
मार्गशीर्ष अमावस्या पर शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें
मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन शिवलिंग पर काले तिल मिलाकर जल अर्पित करना चाहिए. इस दौरान मन में ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए. इस दिन शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करने से पितृ दोष शांत होता है. साथ ही भाग्य चमक उठता है.
इस दिन शिवलिंग पर गन्ने के रस अर्पित करना चाहिए. गन्ने का रस न मिलने पर सादे जल में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है.
इस दिन शिवलिंग पर आक के फूल अर्पित करने चाहिए. इसे अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है.
इस दिन शिवलिंग पर शमी के पत्ते अर्पित करने चाहिए. इससे शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और अन्य अशुभ ग्रहों के प्रभााव में कमी आती है.
इस दिन शिवलिंग पर 108 बिल्व पत्र अर्पित करने चाहिए. इसके बाद शहद की पतली धारा से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. ऐसा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.



