[metaslider id="114975"] [metaslider id="114976"]

BREAKING NEWS : पेट्रोल पंप पर मोटरसाइकिल में लगी आग…

खैरागढ़,13 नवंबर (वेदांत समाचार )। जिले के साल्हेवारा में बुधवार को एक पेट्रोल पंप पर अचानक मोटरसाइकिल में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना उस समय हुई, जब एक युवक पेट्रोल भरवाकर अपनी बाइक स्टार्ट कर रहा था। बाइक के प्लग वायर से अचानक स्पार्क निकलने पर पेट्रोल की वाष्प गैस में आग लग गई और पलभर में बाइक आग की लपटों में घिर गई। स्थिति भयावह थी क्योंकि बाइक पंप परिसर में ही खड़ी थी और आसपास कई अन्य वाहन भी मौजूद थे। जैसे ही आग फैलने लगी, बाइक का चालक तुरंत वाहन से

छलांग लगाकर सुरक्षित दूरी पर खड़ा हो गया। यह देख पंप कर्मचारियों ने तुरंत आपात कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने सप्लाई लाइन बंद कर दी, सभी डिस्पेंसर मशीनें ऑफ कीं और अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने में जुट गए।

कुछ ही मिनटों में लपटों पर काबू पा लिया गया। इस तत्परता के कारण न तो पंप के टैंक को नुकसान हुआ और न ही आसपास खड़े अन्य वाहन और लोग प्रभावित हुए। घटना के बाद कर्मचारियों की सूझबूझ और हिम्मत की स्थानीय लोगों ने सराहना की। हालांकि हादसा टल गया, लेकिन यह घटना पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर स्पष्ट कर गई। पेट्रोल पंप पर छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए वाहन चालकों और कर्मचारियों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। पेट्रोल भरवाते समय वाहन का इंजन और मोबाइल फोन बंद रहना आवश्यक है। पंप परिसर में धूम्रपान या किसी भी प्रकार की आग का प्रयोग करना पूरी तरह मना है। इसके अलावा वाहन चालकों को पेट्रोल भरने के बाद कुछ सेकंड रुकना चाहिए ताकि पेट्रोल की वाष्प पूरी तरह खत्म हो जाए। तभी इंजन स्टार्ट करना सुरक्षित होगा। पेट्रोल पंप प्रबंधन को समय-समय पर अग्निशमन यंत्रों की जांच करनी चाहिए और कर्मचारियों का प्रशिक्षण लगातार जारी रखना चाहिए। किसी भी आग लगने की स्थिति में घबराने की बजाय तत्काल पेट्रोल सप्लाई बंद करना, सुरक्षा अलार्म चालू करना और सूझबूझ से कार्रवाई करना सबसे बड़ा हथियार है। साल्हेवारा की यह घटना यह भी संदेश देती है कि सुरक्षा नियमों का पालन न केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी है बल्कि प्रत्येक ग्राहक और वाहन चालक के लिए भी जरूरी है। छोटे-से-छोटे सुरक्षा उपाय बड़े हादसों से बचा सकते हैं। हालांकि इस मामले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन आग बुझाने में कर्मचारियों की तत्परता ने साबित कर दिया कि प्रशिक्षण और अनुशासन से जान-माल की रक्षा संभव है। इस घटना ने स्थानीय लोगों और अन्य पंप कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और सतर्कता की शिक्षा भी दी। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पंप प्रबंधन को नियमित ड्रिल और आग-नियंत्रण प्रशिक्षण आयोजित करने की आवश्यकता है। वहीं वाहन चालकों को भी पंप पर नियमों का पालन करना चाहिए।

[metaslider id="133"]