Vedant Samachar

सभी अनुमान हुए धराशाई, बाजार में डेब्यू करते ही ग्रो IPO ने कितनी कराई कमाई?

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स्टॉक ब्रोकिंग फर्म ग्रो की पेरेंट कंपनी बिलियनब्रेंस गैरेज वेंचर्स के शेयर बुधवार को शेयर बाजार में लिस्ट हुए. खास बात तो ये है कि कंपनी के शेयर 14 फीसदी के प्रिमिसम पर लिस्ट हुए. जोकि कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी के शेयरों में इश्यू प्राइस के मुकाबले में 24 फीसदी की तेजी देखने को मिली. इसका मतलब है कि ग्रो की लिस्टिंग को शेयर बाजार में अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. बीते कुछ दिनों से अगर एलजी इलेक्ट्रोनिक्स को छोड़ दिया जाए तो ऐसा रिस्पांस किसी कंपनी को नहीं मिल सका. जानकारों की मानें तो कंपनी के शेयरों में और इजाफा देखने को मिल सकता है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर ग्रो के शेयरों के आंकड़े किस तरह के देखने को मिल रहे हैं.

ग्रो के शेयरों में मिली स्ट्रांग लिस्टिंग
स्टॉक ब्रोकिंग फर्म ग्रो की मूल कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स के शेयरों ने बुधवार को बाजार में जोरदार शुरुआत की और 100 रुपए के इश्यू प्राइस के मुकाबले 14 प्रतिशत प्रीमियम पर लिस्ट हुए. बीएसई में शेयर का कारोबार 114 रुपए पर शुरू हुआ, जो इश्यू प्राइस से 14 फीसदी अधिक है. एनएसई पर, शेयर 112 रुपए प्रति शेयर पर सूचीबद्ध हुए, जो 12 प्रतिशत प्रीमियम है. बाद में, बीएसई और एनएसई पर शेयर 24 प्रतिशत बढ़कर क्रमशः 124 रुपए रुपए प्रति शेयर पर पहुंच गए. वैसे सुबह 10 बजकर 55 मिनट पर कंपनी का शेयर इश्यू प्राइस से करीब 23 फीसदी की तेजी के साथ 122.88 पर कारोबार कर रहा है. वहीं एनएसई पर कंपनी का शेयर 22 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 122.48 रुपए पर कारोबार कर रहा है. एनएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 73,786.83 करोड़ रुपए रहा.

कैसा मिला था रिस्पांस?
शुक्रवार को, स्टॉक ब्रोकिंग फर्म ग्रो की मूल कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को शेयर बिक्री के अंतिम दिन 17.60 गुना अभिदान प्राप्त हुआ था. बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स ने 3 नवंबर को एंकर निवेशकों से 2,984 करोड़ रुपए से थोड़ा अधिक जुटाए. कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 95-100 रुपये प्रति शेयर का मूल्य बैंड तय किया था. जिसके बाद कंपनी का वैल्यूएशन 61,700 करोड़ रुपए (लगभग 7 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक देखने को मिला था. आईपीओ में 1,060 करोड़ रुपए मूल्य के नए इक्विटी शेयर जारी किए थे और साथ ही 55.72 करोड़ इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी शामिल थे.

कहां खर्च किए जाएंगे पैसे?
पीक XV, टाइगर कैपिटल और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला जैसे प्रमुख निवेशकों द्वारा समर्थित कंपनी, आईपीओ से प्राप्त राशि का उपयोग टेक डेवलपमेंट और व्यावसायिक विस्तार में निवेश करने की योजना बना रही है. नए इश्यू में से 225 करोड़ रुपए ब्रांड निर्माण और मार्केटिंग में इस्तेमाल किए जाएंगे, और 205 करोड़ रुपये एनबीएफसी आर्म, ग्रो क्रेडिटसर्व टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (जीसीएस) में अपने कैपिटल बेस को बढ़ाने के लिए निवेश किए जाएंगे.

इसके अलावा, ग्रो इन्वेस्ट टेक प्राइवेट लिमिटेड (जीआईटी) में उसके मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी बिजनेस के फाइनेंसिंग के लिए 167.5 करोड़ रुपए डाले जाएंगे, जबकि 152.5 करोड़ रुपए क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए निर्धारित किए गए हैं. शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा. 2016 में स्थापित, ग्रो भारत का सबसे बड़ा स्टॉकब्रोकर बनकर उभरा है, जिसके 12.6 मिलियन से अधिक एक्टिव कस्टमर हैं और जून 2025 तक इसकी बाजार हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से अधिक है.

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