गुरुग्राम, 12 नवंबर 2025 I ओयो की मूल कंपनी, प्रिज़्म ने अपने होटल पार्टनर मेसर्स वेदिका हॉस्पिटैलिटी के मंजीत यादव पर धोखाधड़ी, अनुबंध के उल्लंघन और लोन न चुकाने का आरोप लगाया है। यह मामला उस समझौते से जुड़ा है, जो 15 जनवरी, 2024 को दोनों पक्षों के बीच हुआ था।
इस समझौते के तहत, ओयो ने 74 लाख रुपए का बिज़नेस एडवांस लोन दिया था, जिसे 12 किस्तों में लौटाना था। लेकिन, बार-बार याद दिलाने के बावजूद अब तक भी 41.5 लाख रुपए बकाया हैं। कंपनी का कहना है कि यह न तो कोई गारंटीड इनकम थी, न ही मिनिमम गारंटी या रेवेन्यू शेयरिंग का हिस्सा। इसके बावजूद, वेदिका हॉस्पिटैलिटी गलत दावे करते हुए बकाया राशि लौटाने से बच रही है।
ओयो ने जबरदस्ती या अनैतिक व्यवहार के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इन्हें झूठा, बदनाम करने वाला और जानबूझकर फैलाया गया भ्रम बताया है। कंपनी ने औपचारिक नोटिस जारी कर झूठे बयानों को वापस लेने, तुरंत बकाया रकम चुकाने और गलत जानकारी फैलाने से रोकने की माँग की है।
ओयो ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उपरोक्त बातों पर अमल नहीं किया गया, तो वह कानूनी कार्रवाई करते हुए बकाया वसूली और मानहानि का मुकदमा मंजीत यादव के खिलाफ दर्ज करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी और खर्च यादव को ही उठाना होगा।



