बिलाषपुर,10नवंबर (वेदांत समाचार) । साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय में आज एक इंटरएक्टिव सेशन का आयोजन किया गया, जिसमें मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, इन्द्र देव नारायण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, हरीश दुहन ने की। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र, तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी, हिमांशु जैन सहित एसईसीएल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सेशन के दौरान खनिज अन्वेषण, तकनीकी सहयोग, सतत विकास और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य खनन क्षेत्र में नवाचार, तकनीक के समावेशन और संस्थागत सहयोग के माध्यम से उत्पादकता तथा स्थायित्व को बढ़ावा देना था।
मुख्य अतिथि इन्द्र देव नारायण (सीएमडी, एमईसीएल) ने अपने वक्तव्य में कहा कि कोयला अभी भी भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं का प्रमुख आधार है, परंतु आने वाले समय में डाइवर्सिफिकेशन और क्रिटिकल मिनरल्स की खोज खनन क्षेत्र की नई दिशा तय करेगी।उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा आरंभ किया गया ‘नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन’ इस दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है और एमईसीएल-एसईसीएल के सहयोग से इन नए अवसरों को मूर्त रूप दिया जा सकेगा। नारायण ने कहा की एसईसीएल के पास एक अच्छी टीम जो किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम है।
इस अवसर पर सीएमडी एसईसीएल हरीश दुहन ने कहा कि यह इंटरएक्टिव सेशन विचारों और अनुभवों के आदान-प्रदान का एक उत्कृष्ट मंच रहा। इन्द्र देव नारायण जी द्वारा साझा किए गए विचार अत्यंत प्रेरणादायी रहे, जिन्होंने हमारी टीम को नवाचार, तकनीकी सहयोग और नई संभावनाओं की दिशा में सोचने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने तकनीकी नवाचार, खनिज अन्वेषण की आधुनिक विधियों, पर्यावरणीय प्रबंधन से संबंधित विचार साझा किए।



