कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के नए चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सनोज कुमार झा ने पदभार ग्रहण करने के बाद कंपनी की भावी रणनीति पर अपनी बात रखी। झा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में कंपनी का लक्ष्य 87.5 करोड़ टन कोयला उत्पादन का है, जिसे हासिल करने या उसके करीब पहुंचने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने स्वीकार किया कि सितंबर और अक्टूबर के महीनों में भारी मानसूनी बारिश की वजह से उत्पादन पर असर पड़ा और कंपनी अपने निर्धारित लक्ष्य से पीछे रह गई। साथ ही, इस अवधि में बिजली क्षेत्र से कोयले की मांग में कमी आने के कारण भी उत्पादन की गति धीमी रही।
सीएमडी झा ने कहा, “अभी यह कहना मुश्किल है कि हम लक्ष्य पूरी तरह हासिल कर लेंगे या नहीं, लेकिन हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि निर्धारित लक्ष्य तक या उसके करीब पहुंच सकें।”
उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि कोयले की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और वर्ष के अंत तक कंपनी के पास पिछले साल की तुलना में अधिक भंडार रहेगा।
बता दें कि अक्टूबर में कोल इंडिया का उत्पादन 9.8% घटकर 5.64 करोड़ टन रह गया, जबकि सितंबर में उत्पादन 4.89 करोड़ टन दर्ज किया गया था।
इस बीच, शेयर बाजार में कोल इंडिया के शेयर पर दबाव बना हुआ है, हालांकि ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने कंपनी को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि शेयर एक बार फिर अपने ₹440 के स्तर, यानी 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर तक जा सकता है, और उसने इस पर ‘खरीदें’ (Buy) की रेटिंग बरकरार रखी है।



