संसद का शीतकालीन सत्र इस बार 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। कुल 19 दिनों की इस अवधि में 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी। केंद्र सरकार ने सत्र की तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर दी है और विभिन्न विधायी कार्यों, महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा तथा लंबित विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
सत्र के दौरान सरकार कई अहम मुद्दों पर चर्चा कराने की योजना में है जिनमें आर्थिक क्षेत्र से जुड़े विधेयक, सामाजिक न्याय से संबंधित प्रस्ताव और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। विपक्ष ने भी कहा है कि वह महंगाई, बेरोजगारी, किसानों से जुड़े विषयों और राज्यों के अधिकारों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सत्र को लेकर संसदीय कार्य मंत्रालय जल्द ही विस्तृत एजेंडा जारी करेगा। आने वाले दिनों में सत्र से संबंधित संसदीय समितियों की बैठकें भी शुरू होंगी, ताकि एजेंडा को अंतिम रूप दिया जा सके।
देश की राजनीति और नीति निर्धारण के लिहाज से यह सत्र अहम माना जा रहा है, क्योंकि वर्ष के अंतिम सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने की कोशिश करती है।



