कोरबा,07नवंबर (वेदांत समाचार) । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे प्रदेश में रजत महोत्सव का आयोजन भव्य रूप से किया गया। इसी कड़ी में जिला प्रशासन कोरबा द्वारा घंटाघर स्थित ओपन थिएटर में तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देशभर के प्रतिष्ठित कलाकारों ने यहां अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
आयोजन के दूसरे दिन कोरबा की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना इशिता कश्यप को कथक नृत्य प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया। मंच पर उतरते ही इशिता ने अपनी मनमोहक कथक शैली, भाव-भंगिमाओं और ताल-लय की उत्कृष्ट प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। उपस्थित दर्शकों और अतिथियों ने उनकी प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन की ओर से इशिता कश्यप का सम्मान किया गया। उन्हें साल ओढ़ाकर, श्रीफल और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
इशिता इससे पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला का जादू दिखा चुकी हैं। दुबई (UAE) और मलेशिया में गोल्ड मेडल हासिल कर वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित कर चुकी हैं। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली जूनियर स्कॉलरशिप में कथक नृत्य के लिए चयनित होने वाली वे छत्तीसगढ़ की एकमात्र नृत्यांगना हैं।
अब तक उन्हें कला ललिता सम्मान, राष्ट्रीय विभूति सम्मान, कला संस्कृति सम्मान, प्रणवम प्रतिभा सम्मान, स्वरीयता प्राइड भारत सम्मान और इंडिया स्टार पैशन अवार्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है। इतनी कम उम्र में उपलब्धियों की लंबी सूची उन्हें बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनाती है।
इशिता वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, एनटीपीसी कोरबा में कक्षा 7वीं की छात्रा हैं। उनकी सफलता पर पूरा विद्यालय परिवार गर्व महसूस कर रहा है। इशिता कथक की शिक्षा अपने गुरु मोरध्वज वैष्णव से प्राप्त कर रही हैं।
विद्यालय और आसपास के बच्चों में इशिता को देखकर संगीत और नृत्य के प्रति नई रुचि विकसित हो रही है। उनकी मेहनत, समर्पण और लगन ने उन्हें कम उम्र में ही एक सफल कलाकार के रूप में स्थापित कर दिया है। विद्यालय परिसर में हर्ष का माहौल है और सभी गुरुजनों ने इशिता को आशीर्वाद एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।



