साल 2025 में बिटकॉइन (Bitcoin) की कीमत में भारी गिरावट देखने को मिली है. जून के बाद पहली बार बिटकॉइन 1 लाख डॉलर (₹83 लाख से कम) के नीचे चला गया है. अक्टूबर की शुरुआत में रिकॉर्ड हाई से करीब 20% गिरावट आने के बाद अब इसे बेयर मार्केट (गिरावट वाले बाजार) में माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गिरावट के चलते पूरी क्रिप्टो मार्केट की कुल वैल्यू 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग ₹83 लाख करोड़) से ज्यादा घट गई है. यानी यह साल की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है.
कैसे डूबे 1 ट्रिलियन डॉलर?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट बिटकॉइन की बुनियादी मजबूती कमजोर होने की वजह से नहीं, बल्कि अत्यधिक लीवरेज (उधारी पर ट्रेडिंग) के कारण आई है. इससे मार्केट में उतार-चढ़ाव और बढ़ गया. रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना करीब 3 लाख ट्रेडर्स के अकाउंट्स लिक्विडेट (जबर्दस्ती बंद) किए जा रहे हैं. 10 अक्टूबर को तो 20 अरब डॉलर की जबरदस्त लिक्विडेशन हुई, जिसने गिरावट को और तेज कर दिया. एक विश्लेषक रिपोर्ट में कहा गया, लीवरेज एक खतरनाक नशे की तरह है, यानी थोड़ी सी खबर या ट्वीट भी मार्केट को हिला देती है.
क्यों टूटा बिटकॉइन का भाव $100,000 से नीचे?
डेटा फर्म Glassnode के मुताबिक, बिटकॉइन ने अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल $109,000 को तोड़ दिया और अब $103,500 के आस-पास ट्रेड कर रहा है. अगला सपोर्ट $99,000 के करीब है, जो आमतौर पर मार्केट गिरावट के दौरान एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.
शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स ने बढ़ाया प्रेशर
CryptoQuant के डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स (जो हाल ही में खरीदी करते हैं) भारी नुकसान में बेच रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ आज ही करीब 30,000 बिटकॉइन नुकसान में एक्सचेंज पर डिपॉजिट किए गए, जिससे मार्केट में डर का माहौल और बढ़ गया. STH-SOPR नामक इंडिकेटर लगभग 1 के आसपास है जो बताता है कि मार्केट में भरोसा कमजोर हुआ है. जैसे ही कीमत थोड़ी बढ़ती है, ट्रेडर्स तुरंत मुनाफा निकाल लेते हैं, जिससे ऊपर जाने की गुंजाइश सीमित हो जाती है.
फिर भी संस्थागत निवेशक क्यों खरीद रहे हैं बिटकॉइन?
गिरावट के बावजूद बड़ी वित्तीय संस्थाएं और इन्वेस्टमेंट फर्म्स बिटकॉइन खरीदती जा रही हैं. Binance के डेटा के मुताबिक, बिटकॉइन अब भी अपने मूविंग एवरेज $112,000 से नीचे है, लेकिन नुकसान बहुत कम (सिर्फ 0.06%) है. इसका मतलब यह है कि ज्यादातर निवेशक ने बिटकॉइन की खरीद मौजूदा या इससे कम कीमत पर की हुई है, यानी वे फिलहाल बहुत ज्यादा नुकसान में नहीं हैं.
बिटकॉइन ETF में भी तेजी से पैसा आ रहा है
मार्केट गिरने के बावजूद बिटकॉइन ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में पिछले 30 दिनों में 50,000 बिटकॉइन का निवेश हुआ है. इससे साफ है कि बड़े निवेशकों का भरोसा अब भी कायम है. MEXC रिसर्च के चीफ एनालिस्ट शॉन यंग का कहना है, बड़ी कंपनियों द्वारा लगातार कॉइन खरीदना, अमेरिका-चीन के बीच व्यापार समझौता, और शेयर बाजार में सुधार ये सब नवंबर में रिकवरी के संकेत दे रहे हैं.
क्या बिटकॉइन फिर $113,000 पार कर पाएगा?
अब मार्केट के लिए सबसे अहम रेजिस्टेंस लेवल $111,000 से $113,000 के बीच है। शॉन यंग के अनुसार, अगर बिटकॉइन इस स्तर को तोड़ देता है, तो यह तेजी से $117,000 तक जा सकता है, और अगर हालात अनुकूल रहे, तो पुराने रिकॉर्ड $126,000 को भी छू सकता है.
लॉन्ग-टर्म में अब भी मजबूत है बिटकॉइन
विश्लेषक Plan C का मानना है कि यह सिर्फ अस्थायी गिरावट है और बुल मार्केट (तेजी का दौर) अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, बिटकॉइन के $70,000 से नीचे जाने की संभावना बहुत कम है. अगर बाजार गिर भी गया, तो $80,000$90,000 के बीच सपोर्ट मिल जाएगा. उनका कहना है कि अब बिटकॉइन पहले जैसा नहीं रहा संस्थागत निवेश के बढ़ते प्रभाव ने इसे एक स्थिर और गंभीर निवेश साधन बना दिया है. अब वो दिन चले गए जब लोग सोचते थे कि बिटकॉइन जीरो तक जा सकता है. संक्षेप में, बिटकॉइन फिलहाल दबाव में है, लेकिन बड़े निवेशक और संस्थान इसे लॉन्ग-टर्म के लिए मौका मान रहे हैं और मार्केट विशेषज्ञों को नवंबर में फिर से उछाल की उम्मीद है.
