Vedant Samachar

भू विस्थापितों को आऊट सोर्सिंग कंपनियों में काम देने की मांग को लेकर प्रदर्शन के बाद घेराव जारी

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30 % के नाम पर भू विस्थापितों का अधिकार छीना जा रहा है

कोरबा,03नवंबर (वेदांत समाचार)। SECL में जमीन अधिग्रहण के बाद हर गांव के भू विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं जमीन अधिग्रहण के समय कई नियमों को बनाकर विस्थापित होने वाले किसानों को रोजगार से वंचित कर दिया जाता और आऊट सोर्सिंग के माध्यम से भी होने वाले काम में आऊट सोर्सिंग कंपनियों द्वारा मनमानी की जा रही है जिससे भू विस्थापित भटक रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और तत्कालीन एसडीएम ने भी स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार में रखने की बात कही थी उसके बाद भी बड़े पैमाने पर आऊट सोर्सिंग कंपनियों द्वारा मनमानी किया जा रहा है जिसका विरोध करने का निर्णय छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू विस्थापित रोजगार एकता संघ ने लिया है।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा की एसईसीएल में जमीन अधिग्रहण के बाद हजारों भू विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं और प्रबंधन आऊट सोर्सिंग कंपनियों के साथ सांठ गांठ कर रोजगार को बेचने का काम कर रही है जिसका विरोध हमारे द्वारा किया जा रहा है कुसमुंडा और गेवरा में होने वाले कार्यों में प्रभावितों को प्राथमिकता नहीं दिया जा रहा है जिसका विरोध की शुरवात आज कुसमुंडा में किया गया है और आगे भी विस्थापित परिवार को रोजगार देने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।

भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के रेशम यादव और दामोदर श्याम ने कहा की जिनकी जमीन गई है उन्हें ना तो स्थाई रोजगार मिल रहा है ना ही उनके परिवार को आऊट सोर्सिंग में काम सभी के हक को बेचा जा रहा है इसके विरोध में जीएम कुसमुंडा का घेराव किया गया और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो और उग्र प्रदर्शन होगा।

घेराव प्रदर्शन में प्रमुख रूप से जवाहर सिंह कंवर,दामोदर श्याम,रेशम यादव, सुमेंद्र सिंह कंवर, सुनीला,दीनानाथ,विष्णु,विजय,नंदू,गणेश, चंद्रशेखर,नरेंद्र,संजय,अमरजीत, कृष्णा,जितेंद्र,नौशाद,मनीष,हरिहर,राकेश के साथ बड़ी संख्या में भू विस्थापित उपस्थित थे।

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