अम्बिकापुर,01नवंबर (वेदांत समाचार)। प्रधानमंत्री “सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना” के माध्यम से देशभर में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई क्रांति शुरू हो चुकी है। अब आम नागरिक भी सौर ऊर्जा से अपने घरों की बिजली जरूरत पूरी कर रहे हैं और ऊर्जा उत्पादक बनते जा रहे हैं। अम्बिकापुर की वंदना सिंह इस ऊर्जा क्रांति का सशक्त उदाहरण हैं, जिन्होंने सौर ऊर्जा को अपनाकर आत्मनिर्भर ऊर्जादाता की पहचान बनाई है।
वंदना सिंह ने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल लगवाकर न केवल अपने बिजली बिल में बचत की राह पर चल रही हैं, बल्कि अब वे स्वयं बिजली उत्पादन कर ऊर्जादाता की भूमिका भी निभा रही हैं।
वंदना सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से यह सोलर पैनल स्थापित कराया है। इस योजना के तहत उन्हें केंद्र सरकार से 78,000 तथा राज्य सरकार से 30,000 की कुल 1,08,000 की सब्सिडी प्राप्त होगी। इस आर्थिक सहायता से सोलर पैनल लगाने की लागत में काफी कमी आई है, जिससे अब यह योजना सामान्य परिवारों के लिए भी सुलभ हो गई है।
उन्होंने बताया कि पहले उनके घर में बिजली की खपत अधिक होने से बिजली बिल काफी ज्यादा आता था, लेकिन सोलर पैनल लगाने के बाद अब स्थिति बदल गई है। सौर ऊर्जा से स्वयं बिजली उत्पन्न होने के कारण उनका बिजली खर्च लगभग कम हो गया है।
उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि अब हम अपने घर की जरूरत की बिजली स्वयं बना रहे हैं। यह योजना न केवल हमारी बचत बढ़ा रही है, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ रख रही है। यह प्रदूषण रहित और पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा का स्रोत है।
उन्होंने बताया कि इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि जो अतिरिक्त बिजली उत्पादन होता है, उसे विद्युत विभाग को बेचने पर भुगतान भी प्राप्त होगा। इस प्रकार परिवार न केवल ऊर्जा के उपभोक्ता, बल्कि आय अर्जित करने वाले ऊर्जादाता बन सकते हैं।
वंदना सिंह ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने घरों में सोलर पैनल लगवाएं, शासन की सब्सिडी का लाभ लें, और स्वयं बिजली उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनें। सूर्य की रोशनी से अपने जीवन को उजाला देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दें।
जिले में सौर ऊर्जा परिवर्तन की प्रगति :
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के लिए जिले में 2000 सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक कुल 1024 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो लक्ष्य का लगभग 51 प्रतिशत है। इनमें से 286 प्रकरण बैंकों में स्वीकृति हेतु प्रेषित किए गए हैं। साथ ही, 162 बिजली उपभोक्ताओं के घरों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इससे यह स्पष्ट है कि जिले में योजना का क्रियान्वयन तेजी से प्रगति पर है।




