जांजगीर-चांपा। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय चांपा के भू-अर्जन शाखा में पदस्थ अमीन पटवारी बिहारी सिंह और ऑपरेटर राजकुमार देवांगन को एक किसान से 1 लाख 80 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी किसान को जमीन अधिग्रहण मुआवजा राशि दिलाने में सहयोग के नाम पर यह रकम मांग रहे थे।
ग्राम रायपुरा (जिला सक्ती) निवासी किसान बुधराम धीवर ने 16 अक्टूबर को एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। किसान ने बताया कि उसकी और उसकी बहन की ग्राम कोसमंदा स्थित जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अधिगृहित की गई थी। इसके एवज में अगस्त 2025 में 35 लाख 64 हजार 99 रुपए की मुआवजा राशि उनके संयुक्त बैंक खाते में जमा हुई थी। मुआवजा मिलने के बाद भू-अर्जन शाखा में पदस्थ अमीन पटवारी और ऑपरेटर ने किसान से 1.80 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। किसान ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना तैयार की।
बुधवार 30 अक्टूबर को किसान को तय रकम लेकर एसडीएम कार्यालय भेजा गया। जैसे ही अमीन पटवारी ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, डीएसपी एसीबी अजितेश सिंह के नेतृत्व में छिपी टीम ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। टीम ने रिश्वत की पूरी रकम मौके से बरामद कर ली। अचानक हुई इस कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले डेढ़ साल में बिलासपुर एसीबी की 36वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और रिश्वतखोर कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



