हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन एक ऐसी स्थिति है जिसमें ब्लड का दबाव सामान्य स्तर से अधिक हो जाता है. इससे हार्ट को ब्लड पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हार्ट और नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इससे लोगों को हाई बीपी की समस्या हो जाती है. हाई बीपी के मरीजों को डॉक्टर नमक कम खाने की सलाह देते हैं, लेकिन इसको बिलकुल ही छोड़ देते हैं, जिससे शरीर में सोडियम का लेवल कम होने लहता है,
कई बार शरीर खुद संतुलन बनाए रखने की कोशिश में सोडियम का स्तर घटा देता है, जिससे कमजोरी, थकान और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. सोडियम कम होने से ब्रेन से संबंधित समस्या होने का भी रिस्क रहता है.
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क्या हाई बीपी में नमक पूरी तरह छोड़ना सही है?
दिल्ली एमसीडी में डॉ. अजय कुमार बताते हैं कि नमक को पूरी तरह छोड़ना ठीक नहीं है. शरीर को थोड़ी मात्रा में सोडियम की ज़रूरत होती है, ताकि पानी का संतुलन, नसों का काम और मांसपेशियों की गतिविधि सही बनी रहे. अगर नमक पूरी तरह छोड़ दिया जाए, तो सोडियम की कमी (हायपोनेट्रेमिया) हो सकती है, जिससे चक्कर आना, थकान, उलझन और ब्लड प्रेशर बहुत कम हो जाना जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
बेहतर तरीका यह है कि नमक का सेवन सीमित मात्रा में करें. साथ ही, प्रोसेस्ड फूड, अचार, पापड़ या पैक्ड स्नैक्स जैसे नमक वाले पदार्थों से परहेज करें. डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह से डाइट में बदलाव करें ताकि शरीर को जरूरी सोडियम भी मिले और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल रहे.
इन चीजों का ध्यान रखें
नमक की जगह नींबू, जड़ी-बूटियां या मसालों से स्वाद बढ़ाएं.
प्रोसेस्ड और डिब्बाबंद चीजों से बचें.
खाने में पोटैशियम से भरपूर फल और सब्जियां शामिल करें.
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर में संतुलन बना रहे.
डॉक्टर द्वारा बताए गए दवाइयों और डाइट चार्ट का पालन करें.



