गांधी विहार इलाके में UPSC की तैयारी कर रहे रामकेश मीणा (32) की हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। उत्तरी दिल्ली के DCP राजा बंटिया ने बताया इस हत्या में रामकेश की लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान (21), उसके 2 साथी सुमित कश्यप (27) और संदीप कुमार (29) शामिल थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड की पूरी साजिश सामने आई। सभी आरोपी मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) के रहने वाले हैं।
अश्लील फोटो और वीडियो बना हत्या का कारण
पुलिस जांच में सामने आया कि अमृता ने आरोप लगाया कि रामकेश ने उसकी अश्लील फोटो और वीडियो खींच रखी थी। जब उसने फोटोज डिलीट करने के लिए कहा, तो रामकेश ने मना कर दिया। इसके बाद अमृता ने हत्या की साजिश रची।
6 अक्टूबर को मिली थी AC ब्लास्ट की सूचना
6 अक्टूबर को गांधी विहार की चौथी मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली। शुरुआत में जानकारी मिली कि AC ब्लास्ट हुआ है। आग बुझाने पर पुलिस को रामकेश का झुलसा हुआ शव मिला।
CCTV फुटेज खंगालने पर 2 नकाबपोशों को घर में आते-जाते देखा गया। पुलिस ने जांच के दौरान पता लगाया कि मृतक लिव-इन में रहता था और मोबाइल लोकेशन से अमृता की मौजूदगी भी मिली। पूछताछ में अमृता ने स्वीकार किया कि उसने अपने पूर्व प्रेमी सुमित और संदीप के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया।
हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश
अमृता फॉरेंसिक साइंस की छात्रा थी और उसे मालूम था कि हत्या को हादसा कैसे दिखाया जा सकता है। 6 अक्टूबर को अमृता और सुमित ने रामकेश का गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद घी, तेल, शराब और ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल कर आग लगाई। गैस सिलेंडर पाइप को शव के पास रखा और सिलेंडर चालू किया। संदीप ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट का समय सुनिश्चित किया। अमृता ने घर के गेट की जाली में छेद करके दरवाजा बंद कर दिया और घर से बाहर निकल गई। कुछ ही देर बाद घर में ब्लास्ट हुआ।
दरअसल, क्राइम वेब सीरीज ‘परफेक्ट मर्डर’ देखकर हत्या की प्लानिंग करने वाली इस छात्रा ने हर कदम वैज्ञानिक तरीके से उठाया लेकिन CCTV और मोबाइल डेटा ने उसकी चालाकी को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। पुलिस ने CCTV फुटेज, हार्ड डिस्क, ट्रॉली बैग, मृतक की शर्ट और 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया था और पुलिस ने हत्या को हादसा दिखाने की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया।
पुलिस की सूझबूझ से सुलझी गुत्थी
18 से 23 अक्टूबर के बीच 3 आरोपियों को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया। अमृता के ठिकाने से हार्ड डिस्क, ट्रॉली बैग और मृतक की शर्ट बरामद हुई। दिल्ली पुलिस की तिमारपुर टीम ने तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल डेटा और CCTV एनालिसिस की मदद से इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाया। जिस घटना को सबने हादसा माना, वह असल में विज्ञान की जानकारी से बुनी गई हत्या की साजिश थी।



