देश के कई राज्यों में इस समय डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं. डेंगू के जो केस आ रहे हैं उसमें कई मरीज ऐसे भी हैं जिनको पिछले साल भी डेंगू हुआ था और इस बार भी हो गया. यहां तक की ऐसे केस भी आ रहे हैं जिनमें लोगों को उनके जीवनकाल में तीसरी बार भी डेंगू हो गया है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि एक ही व्यक्ति को बार-बार ये क्यों हो रहा है. जबकि एक वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी बनने के बाद उसके दोबारा होने की आशंका कम होती है. हर साल डेंगू होने के कारणों के बारे में एक्सपर्ट्स से जानते हैं.
दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर डॉ. कुलदीप कुमार बताते हैं कि कुछ मरीजों में डेंगू साल में दो बार तक भी हो जाता है. इसका कारण यह है कि डेंगू वायरस के चार अलग-अलग स्ट्रेन होते हैं. इनको DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4 कहा जाता है.जब कोई व्यक्ति किसी स्ट्रेन से पहली बार संक्रमित होता है, तो उसका शरीर उस स्ट्रेन के खिलाफ इम्यूनिटी बन जाती है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति दूसरी बार किसी अन्य स्ट्रेन से संक्रमित हो जाए तो उसको फिर से डेंगू हो जाता है. हालांकि दो बार डेंगू होने पर गंभीर स्थिति का खतरा बढ़ सकता है.
क्या कमजोर इम्यूनिटी भी है कारण?
डॉ कुलदीप कहते हैं कि बार- बार डेंगू होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति की इम्यूनिटी कमजोर है. इसका सीधा संबंध डेंगू के स्ट्रेन से है. भले ही एक स्ट्रेन के खिलाफ इम्यूनिटी बन गई हो, लेकिन अगर दूसरी बार मच्छर ने काटा और उसमें इस वायरस का दूसरी स्ट्रेन हुआ तो आपको डेंगू हो जाएगा, हालांकि दूसरी बार होने में हर व्यक्ति में गंभीर लक्षण नहीं आते हैं, लेकिन अगर आप संक्रमित हुए हैं तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. इस मामले में लापरवाही न करें. ऐसे केस में डॉक्टर ब्लड टेस्ट और एंटीबॉडी टेस्ट कर सकते हैं, जिससे यह पता चलता है कि कौन सा स्ट्रेन शरीर में सक्रिय है और कौन सा एंटीबॉडी बना चुका है. इसके हिसाब से इलाज किया जाता है.
डेंगू से बचाव के लिए क्या करें
अपने आसपास खुले पानी को इकट्ठा न होने दें
अचानक बुखार, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द या त्वचा पर दाने दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं
डेंगू होने पर खुद से इलाज न करें
घरेलू नुस्खों के फेर में न फंसे



