पंंचांग के अनुसार, प्रतिवर्ष धनतेरस का पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ था। इसी के कारण इसे धन्वंतरि जयंती के साथ-साथ धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। धनतेरस पर मां लक्ष्मी के साथ कुबेर जी, देवता यमराज के साथ धन्वतंरि जी की पूजा की जाती है। धनतेरस के दिन सोना-चांदी के अलावा वाहन, गणेश-लक्ष्मी जी मूर्ति, बर्तन, झाड़ू, साबुत धनिया से लेकर कई चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पीतल, चांदी या फिर धातु से बनी चीजें खरीदने से कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं धनतेरस का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, खरीदारी का समय, व्रत कथा, मंत्र, आरती सहित अन्य जानकारी…
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से हो रहा है, जो 19 अक्टूबर, रविवार को दोपहर 1 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी।
धनतेरस खरीदारी का शुभ मुहूर्त
अमृत काल- सुबह 08 बजकर 50 मिनट से 10 बजकर 33 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक
लाभ-उन्नति चौघड़िया मुहूर्त- दोपहर 01 बजकर 51 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 18 मिनट तक
धनतेरस पर जलाएं दीपक
धनतेरस की रात 13 दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके लिए 13 दीपक तैयार करें, उनमें घी और बाती के साथ प्रत्येक दीपक में एक-एक कौड़ी रखें। इन दीपकों को घर के आंगन या मुख्य द्वार पर जलाएं। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और धन के देवता कुबेर की कृपा प्राप्त होती है।
धनतेरस 2025 पर वाहन खरीदने का मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल धनतेरस पर वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है। धनतेरस से लेकर भाई दूज तक एक भी मुहूर्त वाहन खरीदने के नहीं बन रहे हैं। इस माह 24, 29 और 30 और 31 अक्टूबर को खरीद सकते हैं।
24 अक्टूबर 2025, शुक्रवार 06:28 से 01:19, अक्तूबर 25
29 अक्टूबर 2025, बुधवार 17:29 से 06:32, अक्तूबर 30
30 अक्टूबर 2025, गुरुवार 06:32 से 10:06
31 अक्टूबर 2025, शुक्रवार 10:03 से 06:33, नवंबर 01
धनतेरस पर लगाएं झाड़ू
शास्त्रों के अनुसार धनतेरस के दिन घर में नई झाड़ू लाना अत्यंत शुभ माना जाता है। माना जाता है कि झाड़ू घर में स्वच्छता और सकारात्मक ऊर्जा लाती है, और स्वच्छ व पवित्र घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है। इसलिए धनतेरस पर नई झाड़ू लाना देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने का एक श्रेष्ठ उपाय माना गया है।
100 साल बाद बन रहा है त्रिग्रही योग
धनतेरस पर इस साल कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो दशकों के बाद निर्माण हो रहा है। इस साल धनतेरस पर हंस राजयोग, त्रिग्रही, मंगल आदित्य योग, बुधादित्य योग, विपरीत राजयोग, केंद्र त्रिकोण राजयोग से लेकर ब्रह्म योग का निर्माण होने वाला है।
धनतेरस पर खरीदें ये चीजें
धनतेरस के दिन सोना-चांदी के अलावा कई चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। आप चाहें तो इस दिन मां लक्ष्मी के प्रतीक कौड़ी, गोमती चक्र, साबुत धनिया, झाड़ू, बताशा, सुपारी आदि खरीद सकते हैं।
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल पर करना चाहिए। ऐसे में 18 अक्टूबर को शाम 07 बजकर 16 मिनट से लेकर 08 बजकर 20 मिनट तक है



