Vedant Samachar

SECL खदानों में कबाड़ चोरी का गोरखधंधा: त्रिपुरा राइफल्स के जवान पर मिलीभगत के आरोप, प्रबंधन की चुप्पी पर उठे सवाल

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कोरबा,17 अक्टूबर (वेदांत समाचार)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कोयला खदानों में कबाड़ चोरी की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्रीय भंडार गृह (रीजनल स्टोर) से जुड़ी एक ताजा घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। बताया जा रहा है कि इस चोरी में बाहरी चोरों के साथ-साथ सुरक्षा में तैनात जवानों की मिलीभगत भी सामने आ रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में कुसमुंडा क्षेत्र के क्षेत्रीय भंडार गृह में त्रिपुरा राइफल्स के एक जवान पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने स्वयं स्टोर का मुख्य दरवाजा खोलकर चोरों को अंदर प्रवेश कराया। बताया जा रहा है कि चोरों ने भंडार गृह में प्रवेश के बाद पहले स्थिति का निरीक्षण किया, फिर कबाड़ का चयन कर उसे बाहर निकालने की योजना बनाई।

चोरी के दौरान चोरों ने मुख्य गेट से नहीं बल्कि पानी निकलने वाले नाले के रास्ते सामान को बाहर निकाला, जिससे सुरक्षा कैमरों की निगाहों से बचा जा सके। यह पूरा घटनाक्रम खदान परिसर के भीतर हुआ, जहां हर दिशा में हाई-फ्रीक्वेंसी सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसके बावजूद चोरी की घटना को अंजाम दिया जाना SECL प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।

स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि खदान के अंदर होने वाली इन चोरी की घटनाओं में कुछ अंदरूनी लोगों की भी भूमिका होती है। पूर्व में भी कई बार कबाड़ चोरी की शिकायतें सामने आईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराकर स्थानांतरण कर दिया गया। असली आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं।

प्रबंधन द्वारा अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। न ही किसी कर्मचारी या सुरक्षा जवान को निलंबित किया गया है। वहीं, चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पहले चोरी की जगह का निरीक्षण करते हैं, फिर बड़े आराम से सामान बाहर निकाल लेते हैं।

स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों ने मांग की है कि SECL मुख्यालय इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चोरी में कौन-कौन लोग शामिल हैं और कबाड़ आखिर कहां बेचा जा रहा है।

कोरबा की खदानों से कबाड़ चोरी का यह सिलसिला अब संगठित रूप ले चुका है। यदि समय रहते साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने इस पर सख्त कदम नहीं उठाया, तो कंपनी की संपत्ति और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर गंभीर खतरा मंडराने लगेगा।

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