नक्सल प्रभावित सुदूर क्षेत्र में ग्राम विकास की नई किरण
सुकमा,13अक्टूबर (वेदांत समाचार) । जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत नक्सल प्रभावित दूरस्थ ग्राम पंचायत किस्टाराम में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जन चौपाल एवं आरसेटी द्वारा रूरल मेसन प्रशिक्षण जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सुकमा श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रशासन की पहल :
किस्टाराम जैसे अति-दुर्गम एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र में यह शिविर ग्रामीणों में आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और तकनीकी दक्षता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा। कार्यक्रम में ग्रामीण हितग्राहियों को आवास निर्माण की प्रक्रिया, तकनीकी गुणवत्ता, किस्त वितरण की पारदर्शिता और मनरेगा मजदूरी के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई।
साथ ही स्थानीय युवाओं को राजमिस्त्री (मेसन) के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।
प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर कदम :
आरसेटी के प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सभी तकनीकी चरणों जैसे नींव की मजबूती, दीवार निर्माण, छत निर्माण, प्लास्टर एवं रंगाई-पुताई की व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस पहल से ग्रामीण युवा अब अपने ही गांव में रोजगार के अवसर सृजित कर सकेंगे और अन्य हितग्राहियों के आवास निर्माण में भी सहयोग प्रदान कर सकेंगे।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) केवल एक आवास योजना नहीं, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के आत्मसम्मान और सुरक्षा की योजना है। जिला प्रशासन के तत्वाधान में किस्टाराम जैसे सुदूर क्षेत्रों में इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर ग्रामीणों में आत्मविश्वास और विकास की नई ऊर्जा भर रहे हैं।



