पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को एक निजी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल परिसर के पास हुए सामूहिक बलात्कार पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि किसी लड़की को रात में बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
दुर्गापुर में मेडिकल की छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना पर राजनीति गरमाने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नाराज दिखीं। उन्होंने दूसरे राज्यों में रेप की घटनाओं का जिक्र किया। सीएम ने कहा है कि आप मुझे बताइए कि ओडिशा में तीन सप्ताह पहले समुद्र तट पर तीन लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ। ओडिशा सरकार ने क्या कार्रवाई की और बंगाल में अगर महिलाओं के साथ कुछ भी होता है तो हम इसे सामान्य मामला नहीं मानते, यह एक गंभीर मामला है।
सीएम बोलीं, कॉलेज की जिम्मेदारी
ममता बनर्जी ने कहा कि वह लड़की निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही थी, इसलिए निजी मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी है। सीएम ने कहा कि कि वह रात के 12.30 बजे कैसे बाहर आ गई। जहां तक मुझे पता है कि यह वन क्षेत्र में हुआ था, इसलिए 12.30 बजे मुझे नहीं पता कि क्या हुआ। इसकी जांच जारी है। पुलिस जांच कर रही है, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। 3 लोग पहले ही गिरफ़्तार हो चुके हैं। अगर ऐसा दूसरे राज्यों में भी होता है तो भी यह निंदनीय है। हमने उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में भी ऐसे कई मामले देखे हैं, इसलिए सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
रात में नहीं निकले देना चाहिए…
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को अस्पताल परिसर के पास एक निजी मेडिकल कॉलेज में हुए सामूहिक बलात्कार पर अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि किसी लड़की को रात में बाहर नहीं निकलने देना चाहिए। बंगाल में यह घटना कोलकाता से लगभग 170 किलोमीटर दूर दुर्गापुर के शोभापुर के पास एक निजी मेडिकल कॉलेज में हुई है। जहां पर एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ। पीड़िता ओडिशा के जलेश्वर की निवासी है। शुक्रवार देर रात अस्पताल की इमारत के पीछे के इलाके में बलात्कार किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीड़िता अपने एक दोस्त के कहने पर बाहर आई थी। पिता ने भी मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार पीड़िता हालत अभी स्थिर है, तो वहीं पीड़िता के पिता ने ओडिशा के सीएम से बेटी को एयरलिफ्ट करने की अपील की है। पिता ने कहा कि वह अपनी बेटी को बंगाल में नहीं रखना चाहते हैं।



