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इलेक्ट्रिक ट्रक बैटरी के इस्तेमाल से परिवहन क्षेत्र में आएगी क्रांति : गडकरी…

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नई दिल्ली 09 अक्टूबर । सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देश में ईंधन के नये उपायों के इस्तेमाल से परिवहन क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है और अब इलेक्ट्रिक बैटरी से चलने वाले ट्रकों के संचालन से इस क्षेत्र में जबरदस्त क्रांति आएगी और माल ढुलाई का काम सस्ता, प्रदूषणरहित और ज्यादा आसान हो जाएगा।

गडकरी ने बुधवार को हरियाणा में सोनीपत के गांव पांची गुजरान में देश के पहले वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक ट्रक बैटरी स्वैपिंग और चार्जिंग स्टेशन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रकों के लिए इलेक्ट्रिक बैटरी के निर्माण से परिवहन की दर बहुत कम हो जाएगी। जिस दर पर बड़े ट्रक डीजल ईंधन से चलते हैं उसके मुकाबले बहुत कम दाम पर अब इलेक्ट्रिक ट्रक अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगे और इससे लॉजिस्टिक खर्च बहुत कम हो जाएगा। इससे ट्रांसपोर्टर का बहुत पैसा बचेगा और इसका सीधा फायदा उपभोक्ता को होगा।

गडकरी ने कहा कि इस समय पेट्रोल डीजल आदि ईंधन का बड़े स्तर पर आयात किया जाता और इस पर 25 लाख करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इस कारण देश में वायु प्रदूषण की भी समस्या पैदा होती है। अब ट्रांसपोर्ट में बड़े ट्रक जब बैटरी से चलेंगे तो उससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा और सस्ते दाम पर सामान को एक जगह से दूसरी जगह भी पहुंचाया जा सकेगा। उनका कहना था कि सड़कें अच्छी बन गई हैं और इसके कारण दिल्ली से देहरादून की दूरी दो घंटे में, दिल्ली से जयपुर तीन घंटे में और दिल्ली से अमृतसर चार घंटे में पहुंचा जा सकता है। इससे परिवहनआसान हो रहा है। सड़क निर्माण में भी क्रांति आ रही है और किसानों के पराली जैसे बेकार उत्पादों का प्रयोग सड़क बनाने में किया जा रहा है।

गडकरी ने इस क्रांति से किसानों को हो रहे फायदे का जिक्र करते हुए कहा “मैं भी किसान हूं। हरियाणा के किसान बेहतरीन काम कर रहे हैं। किसान अन्नदाता हैं। अब हमने तय किया है कि किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं रहेगा। किसान ऊर्जादाता, ईंधनदाता, कोलतारदाता, विटमिनदाता, ईंधनदाता और हाइड्रोजन प्रदाता भी बनेगा। किसान को अब पराली जलानी नहीं पड़ेगा बल्कि उसे बिटमिन में मिलाकर सड़क का निर्माण किया जाएगा। नागपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहले एक किलोमीटर सड़क का निर्माण पराली को बिटमिन में मिलाकर सड़क बनाया गया है। इस तरह की 400 परियोजनाएं आ रही हैं। एक किलोमीटर की इस सड़क को परीक्षण में बहुत अच्छा पाया गया है। अब पराली जलाई नहीं जाएगी बल्कि उसका इस्तेमाल आने वाले दिनों में सड़क निर्माण के लिए किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेट्रोल तथा डीजल जैसे ईंधन के कारण देश के पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है लेकिन उन्हें इस बात की खुशी है कि भारत तेजी से वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ रहा है और आने वाला समय डीजल-मुक्त परिवहन का होगा। उनकी सरकार ने ईंधन के विकल्प के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और उसी का परिणाम है कि वह आज यहां देश के पहले वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक ट्रक बैटरी स्वैपिंग और चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन कर रहे हैं। समारोह में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी तथा अन्य कई प्रमुख लोग मौजूद थे।

गडकरी ने कहा कि पराली से सड़कों के निर्माण की जो प्रक्रिया चल रही है वह किसानों के लिए क्रांतिकारी साबित होगी और उन्हें पराली जलानी नहीं पड़ेगी। देश में 50 लाख टन पराली से जैव ईंधन बनाने का काम किया जा रहा है। इससे न सिर्फ प्रदूषण की स्थिति में कमी आएगी बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ जाएगी। कृषि यंत्रों के लिए भी फ्लेक्सी इंजन विकसित किए जा रहे हैं और इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक से परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है जिसके कारण बैटरियों की कीमत में 50-60 फीसदी तक गिरावट आई है।

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