रायपुर, 8 अक्टूबर 2025। अवैध कोल लेवी वसूली प्रकरण में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आज आरोपी देवेंद्र डड़सेना और नवनीत तिवारी के विरुद्ध विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रायपुर में लगभग 1,500 पन्नों का चालान प्रस्तुत किया है। यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 03/2024 के तहत की गई है।
चालान में दोनों आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 384, 420, 467, 468, 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 7-ए और 12 के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं। फिलहाल दोनों आरोपी केंद्रीय जेल रायपुर में निरुद्ध हैं।
इससे पहले जुलाई 2024 में ईओडब्ल्यू ने 15 आरोपियों — जिनमें सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर विश्नोई, शिवशंकर नाग, सूर्यकांत तिवारी सहित अन्य शामिल हैं — के खिलाफ पहला चालान पेश किया था। वहीं अक्टूबर 2024 में मनीष उपाध्याय और रजनीकांत तिवारी के खिलाफ पूरक चालान दाखिल किया गया था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी देवेंद्र डड़सेना कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का निजी सहायक था। वह अवैध कोल लेवी वसूली से प्राप्त बड़ी मात्रा में नगद राशि का रिसीवर और मध्यस्थ रहा है। “कांग्रेस भवन” में “भवन” नाम से दर्ज प्रविष्टियाँ इसी अवैध लेन-देन से जुड़ी पाई गईं। डड़सेना पर करोड़ों रुपये के अवैध धन को प्राप्त कर अन्य आरोपियों तक पहुंचाने का आरोप है।
इसी तरह आरोपी नवनीत तिवारी, सूर्यकांत तिवारी के निर्देश पर रायगढ़ जिले में कोल कारोबारियों व ट्रांसपोर्टरों से भय दिखाकर अवैध वसूली करता था। वह वसूली गई राशि रायपुर स्थित सिंडिकेट सदस्यों तक पहुंचाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि नवनीत तिवारी सूर्यकांत तिवारी की अवैध आय से खरीदी गई संपत्तियों का बेनामीदार रहा।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।



