कोरबा,07 अक्टूबर 2025। शहर के मुख्य प्रवेश मार्ग गौमाता चौक, इमलीछापर चौक एवं कटघोरा रोड की जर्जर हालत को लेकर नागरिकों में भारी आक्रोश है। आए दिन इन मार्गों पर वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि इन सड़कों पर गिरकर घायल होने की घटनाएं सोशल मीडिया में लगातार वायरल हो रही हैं, जिससे शहर की छवि धूमिल हो रही है। नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने मंगलवार को कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर इन सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि 7 दिनों के भीतर सुधार कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, तो आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
सभापति ठाकुर ने कहा कि शहर के मुख्य प्रवेश मार्गों की दुर्दशा को अनदेखा नहीं किया जा सकता। इन सड़कों की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की है, जिसके अधिकारी लापरवाही का परिचय दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश का बहाना बनाकर विभाग जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। यदि विभागीय अधिकारी कार्य करने में असमर्थ हैं तो खनिज न्यास मद से राशि स्वीकृत कर नगर निगम को कार्य एजेंसी बनाया जाए, ताकि सड़कों का रखरखाव निगम द्वारा किया जा सके।
उन्होंने आयुक्त नगर निगम को भी डीडीएम चौक से लेकर ओवरब्रिज के नीचे तक स्थित मुख्य मार्गों के गड्ढों को तत्काल सुधारने का आग्रह किया। उनका कहना है कि निगम अधिकारियों की लापरवाही के चलते मामूली क्षतिग्रस्त सड़कों में अब बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे लाखों रुपये खर्च कर सड़कों का पुनर्निर्माण करना पड़ेगा। सभापति ने बताया कि कोरबा जिले को हर साल खनिज न्यास मद से लगभग 600 करोड़ रुपये प्राप्त होते हैं, परंतु इसका अधिकांश हिस्सा दूरस्थ क्षेत्रों में खर्च किया जा रहा है। जबकि जिले की आधी आबादी नगर निगम क्षेत्र में निवासरत है और शहर के प्रवेश मार्गों की स्थिति दयनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज मद की राशि अनुपयोगी योजनाओं में बर्बाद की जा रही है, जबकि शहरवासी जर्जर सड़कों से परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि गौमाता चौक पर कई बार स्थानीय नागरिकों ने चक्काजाम किया और इमलीछापर के व्यापारियों ने कीचड़ में नहाकर विरोध प्रदर्शन भी किया, फिर भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इन सड़कों की हालत से न केवल शहरवासियों को परेशानी हो रही है बल्कि प्रदेशभर में कोरबा की बदनामी भी हो रही है। सभापति ठाकुर ने कलेक्टर और आयुक्त से मांग की है कि सड़कों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा खनिज न्यास मद से एक टास्क फोर्स गठित की जाए, जो मुख्य सड़कों की शुरुआती मरम्मत समय पर सुनिश्चित करे। इससे जनता को राहत मिलेगी और बाद में करोड़ों रुपये खर्च होने से भी बचा जा सकेगा।
अंत में सभापति ने चेतावनी दी कि यदि शहर के मुख्य प्रवेश मार्गों — गौमाता चौक, इमलीछापर चौक और मेन रोड कोरबा — की मरम्मत 7 दिनों के भीतर प्रारंभ नहीं की गई, तो नगर निगम के पार्षदों और आम नागरिकों के साथ मिलकर जनहित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
— नूतनसिंह ठाकुर,
सभापति, नगर पालिक निगम कोरबा



