कोरबा। विजयदशमी पर्व के अवसर पर कोरबा जिले का पसान ब्लॉक इस बार खास आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। यहां सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा पहली बार भव्य दशहरा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लुधियाना, पंजाब से आए प्रसिद्ध पंजाबी गायक नरेन्दर सिंह अपनी प्रस्तुति देकर महफ़िल को यादगार बनाएंगे। आयोजन को लेकर क्षेत्र के लोगों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।
विशेष आकर्षण बना रावण का पुतला
पसान में तैयार किया गया रावण का पुतला इस बार आकर्षण का विशेष केंद्र बना हुआ है। पुतले की खासियत यह है कि उसकी आंखें खुल और बंद हो रही हैं, जो लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस अनोखे पुतले को देखने के लिए सुबह से ही स्थल पर पहुंच रहे हैं। समिति का कहना है कि इस बार पुतले को बेहद आकर्षक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है, जिससे दर्शकों को एक नया अनुभव मिलेगा।
नरेन्दर सिंह का जलवा
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण पंजाब से आए फेमस गायक नरेन्दर सिंह होंगे। अपनी गायकी के लिए पहचाने जाने वाले नरेन्दर सिंह पहली बार पसान में प्रस्तुति देंगे। उनके आगमन की खबर मिलते ही युवाओं और संगीत प्रेमियों में उत्साह और बढ़ गया है। आयोजकों का कहना है कि नरेन्दर सिंह के सुरों की गूंज दशहरा पर्व को और भी यादगार बना देगी।
समिति और प्रशासन की तैयारियां
सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति ने आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शाम को कार्यक्रम स्थल पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन से विशेष सहयोग लिया जा रहा है। पुलिस ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
उत्सव का माहौल
पसान सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में दशहरा पर्व को लेकर हर्ष और उल्लास का माहौल है। सुबह से ही बाजारों में रौनक दिखाई दे रही है। लोग नए कपड़े पहनकर परिवार सहित आयोजन स्थल पर पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। शाम को रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ नरेन्दर सिंह के गीतों की महफ़िल पूरे आयोजन में चार चाँद लगाने वाली है।
लोगों की उम्मीदें
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह पहला मौका है जब पसान में इतने बड़े स्तर पर दशहरा पर्व का आयोजन हो रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं बल्कि स्थानीय युवाओं को भी प्रेरित करते हैं। इस तरह, विजयदशमी के पावन अवसर पर पसान में होने वाला यह आयोजन एक ऐतिहासिक मौका साबित होगा, जो आने वाले वर्षों तक लोगों की यादों में दर्ज रहेगा।



