Vedant Samachar

जब सपोर्टिंग रोल में भी छा गए थे अमिताभ बच्चन, जीता था पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड…

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मुंबई : अमिताभ बच्चन हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े कलाकार माने जाते हैं. बिग बी ने अपने 56 साल के एक्टिंग करियर में जो कुछ भी हासिल किया है वो किसी दूसरे सितारे को नसीब नहीं हुआ. वो 82 साल के हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका स्टारडम बरकरार है और उनका काम के प्रति जज्बा और डेडिकेशन भी गजब का है. उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्में दी हैं. हालांकि इस दिग्गज कलाकार ने वो दौर भी देखा है जब उन्हें करियर की शुरुआत में ही सपोर्टिंग रोल निभाने पड़े थे.

अमिताभ बच्चन ने साल 1969 में रिलीज हुई फिल्म ‘सात हिन्दुस्तानी’ से अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था. हालांकि शुरुआत में उनकी कई फिल्में एक के बाद एक पिट गई थीं. बतौर लीड एक्टर वो फिल्म ‘जंजीर’ (1973) से पहचान बनाने में कामयाब हुए थे. लेकिन, इससे पहले राजेश खन्ना के साथ एक फिल्म में काम करके उन्होंने अपने हुनर की छाप छोड़ दी थी और इस फिल्म के लिए बिग ने पहला फिल्मफेयर अवॉड भी जीता था.

राजेश खन्ना की फिल्म में किया था सपोर्टिंग रोल
अमिताभ बच्चन अपनी पहली ही फिल्म ‘सात हिन्दुतानी’ में सपोर्टिंग रोल में नजर आए थे. वहीं इसके बाद उन्होंने ‘रेशमा और शेरा’, ‘बॉम्बे टू गोवा’ और ‘आनंद’ जैसी फिल्मों में भी सपोर्टिंग रोल किए थे. इनमें से वो आनंद में सपोर्टिंग रोल से छा गए थे. साल 1971 की इस पिक्चर में बिग बी ने डॉ. भास्कर बनर्जी उर्फ बाबूमोशाय की भूमिका निभाई थी. वहीं राजेश खन्ना लीड रोल में थे. वो आनंद नाम के कैंसर पेशेंट के किरदार में नजर आए थे. इसका डायरेक्शन दिवंगत और दिग्गज डारेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था.

बिग बी को मिला था पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड
राजेश खन्ना के साथ ही इस फिल्म में बिग बी के अभिनय की भी खूब तारीफ हुई थी. ये पहला मौका था जब हिंदी सिनेमा के इन दो सबसे बड़े दिग्गजों ने साथ में काम किया था. इसके लिए बिग बी को अपना पहला बेस्ट सपोर्टिंग रोल का फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया था. मेकर्स ने इस पिक्चर को 30 लाख रुपये के बजट में बनाया था और ये करीब 1 करोड़ रुपये कमाते हुए टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई थी.

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