कोरबा,24 सितम्बर (वेदांत समाचार)। कोल इंडिया और एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ श्रमिक संगठनों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। गेवरा परियोजना के मेन गेट श्रमिक चौक सोमवार को हजारों मजदूरों के नारों से गूंज उठा। एचएमएस, एटक, बीएमएस, इंटक और सीटू समेत संयुक्त श्रमिक संगठनों ने माननीकरण समिति की बैठक स्थगित करने को “श्रमिक विरोधी षड्यंत्र” करार दिया और दुर्गा पूजा से पहले बोनस भुगतान की जोरदार मांग की।
धरना स्थल पर श्रमिक नेताओं ने चेतावनी दी—
“दुर्गा पूजा से पहले बोनस दो, वरना गेवरा, दीपका और कुसमुंडा खदानें ठप कर दी जाएंगी।”
“अगर बोनस नहीं मिला तो यह आंदोलन क्रमिक भूख हड़ताल से सीधी हड़ताल में बदलेगा।”
संयुक्त श्रमिक मोर्चे ने गेवरा क्षेत्रीय प्रबंधन के जरिए कोल इंडिया के शीर्ष अधिकारियों तक ज्ञापन सौंपते हुए साफ कह दिया कि बोनस भुगतान में किसी भी तरह की देरी अब स्वीकार नहीं होगी।

आज हुए गेट मीटिंग और धरना में एरिया व प्रोजेक्ट स्तर के जेसीसी, सुरक्षा समिति, वेलफेयर बोर्ड के सदस्य और विभागीय-ठेका मजदूरों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रमिकों के हुंकार से यह साफ हो गया कि कोल इंडिया प्रबंधन को अब या तो दुर्गा पूजा से पहले बोनस देना होगा, या फिर पूरे कोरबा क्षेत्र में कोयला उत्पादन ठप होने का खतरा झेलना होगा।



