Vedant Samachar

GST में राहत के बाद, महिलाओं के लिए खुशखबरी! सरकार देगी उज्जवला योजना के तहत 25 लाख नए गैस कनेक्शन…

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नवरात्रि के शुरुआत होने के साथ ही भारत सरकार ने देशवासियों को बंपर गिफ्ट दे दिया है. दिवाली, दशहरा के पहले ही आम आमदी की जेब पर बोझ कम करने के लिए सरकार ने जीएसटी में रिफॉर्म का ऐलान किया, जो कि 22 सितंबर से लागू हो गए हैं. साथ ही उसी दिन देश की महिलाओं को भी शानदार तोहफा दे दिया. जी हां, भारत सरकार ने उज्जवला योजना के तहत नए 25 लाख गैस कनेक्शन देने का ऐलान कर दिया है.

केंद्र सरकार ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष (2025-26) के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दे दी है. जीएसटी के बाद सरकार का यह बड़ा ऐलान है. जहां जीएसटी में कटौती के बाद 99 फीसदी रोजमर्रा की चीजें 5 फीसदी के स्लैब में आ गई हैं वहीं, दूसरी ओर ज्यादा गैस कनेक्शन होने से ज्यादा परिवारों तक इसकी पहुंच होगी. इस योजना के तहत अब तक वितरित कुल कनेक्शन 10.58 करोड़ हो जाएंगे.

कब शुरू हुई स्कीम?
2016 में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को बिना इंस्टॉलेशन, पहली रिफिल, नली, रेगुलेटर और चूल्हे के खर्च के एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना है. इसका पूरा खर्च सरकार और तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) उठाती हैं. पीएमयूवाई की पहली किस्त में 8 करोड़ कनेक्शन दिए गए थे.योजना की दूसरी किस्त अगस्त 2021 में शुरू की गई थी, जिसके लिए 2022 से 2024 तक के अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए थे.

इस साल जुलाई तक, यह योजना देश भर में 10.33 करोड़ से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन देने में कामयाब रही है. दरअसल, इसी अगस्त में सरकार ने हर 14.2 किलो के सिलेंडर पर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी को मंजूरी दी थी और रिफिल की पात्र संख्या बढ़ाकर 9 प्रति वर्ष कर दी थी.

कितने रुपये होंगे खर्च
सरकार इन कनेक्शनों को जारी करने के लिए 676 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2,050 रुपये प्रति कनेक्शन की दर से जमा-मुक्त कनेक्शन प्रदान करने के लिए 512.5 करोड़ रुपये, अगस्त में घोषित सब्सिडी के लिए 160 करोड़ रुपये है. इसके अलावा बाकी जरूरी कामों के लिए योजना के प्रबधंन के लिए 3.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

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