कोरबा,23 सितम्बर (वेदांत समाचार)। कोयला कामगारों के वार्षिक बोनस भुगतान को लेकर जारी असमंजस के बीच हिंद मजदूर सभा (HMS) ने दशहरा से पहले सभी स्थायी एवं ठेका कर्मियों को अग्रिम बोनस राशि देने की जोरदार मांग उठाई है। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन ने समय रहते भुगतान नहीं किया तो पूरे कोल इंडिया क्षेत्र में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पांडे ने कहा कि 22 सितम्बर को निर्धारित जेबीसीसीआई- XI मानकीकरण समिति की बैठक कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के चलते स्थगित कर दी गई। इस वजह से कोयला कामगारों के सालाना बोनस का निर्धारण टल गया है। श्री पांडे ने कहा कि यह मजदूरों के साथ अन्याय है, क्योंकि बोनस को लेकर हर वर्ष समय पर फैसला होता रहा है और दशहरा-दीपावली के अवसर पर यह मजदूरों के लिए सबसे बड़ी आर्थिक राहत होती है।
उन्होंने मांग की कि कोल इंडिया प्रबंधन 25 सितम्बर के पूर्व सभी स्थायी एवं ठेका कामगारों के बैंक खातों में अग्रिम बोनस राशि जमा करे। उनका कहना है कि बोनस की औपचारिक घोषणा भले ही बाद में हो, लेकिन अग्रिम भुगतान मजदूरों का हक है। यदि प्रबंधन ने यह नहीं किया तो HMS मजबूर होकर देशव्यापी आंदोलन करेगा।

इधर, HMS के कोरबा एरिया अध्यक्ष सुरेन्द्र मिश्रा ने भी SECL प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि बोनस मुद्दे पर संगठन किसी भी स्तर पर समझौता करने के पक्ष में नहीं है। मजदूरों की अपेक्षाओं और अधिकारों की अनदेखी नहीं की जाएगी। श्री मिश्रा ने बताया कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन की रणनीति तैयार है और इसका आगाज कोरबा से होगा।
मिश्रा ने कहा कि दशहरा-दीपावली जैसे पर्व पर बोनस का भुगतान न होना कोयला कर्मियों के लिए गहरी निराशा का कारण बनेगा। मजदूर सालभर कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं और बोनस ही उनके उत्सव की खुशियों का आधार है। इसीलिए HMS मजदूरों के हितों के लिए सड़क से लेकर प्रबंधन के दरवाजे तक संघर्ष करेगा।
स्पष्ट है कि बोनस विवाद फिलहाल टलने के बजाय और गहराता जा रहा है। एक ओर न्यायालय के आदेश से समिति की बैठक स्थगित होने से निर्णय अधर में लटका हुआ है, वहीं दूसरी ओर मजदूर संगठन आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। अब देखना यह होगा कि कोल इंडिया प्रबंधन दबाव में आकर दशहरा पूर्व अग्रिम भुगतान करता है या फिर देशव्यापी आंदोलन का सामना करता है।



