अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों ब्रिटेन की यात्रा पर हैं, और वहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने रिश्तों का खुलासा किया। ट्रंप ने कहा, “मैं भारत और पीएम मोदी के बेहद करीब हूं, हमारे बीच बहुत अच्छी दोस्ती है।” ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब वह यूरोपीय देशों की आलोचना कर रहे थे, जिन्होंने रूस से तेल खरीदने का सिलसिला जारी रखा है, जो कि पश्चिमी देशों की रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ एक बड़ा सवाल उठाता है।
यूरोपीय देशों पर ट्रंप का तीखा हमला
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ खड़े ट्रंप ने यूरोपीय देशों को तगड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर यूरोप रूस से तेल खरीदता रहेगा, तो यह मॉस्को को अंतरराष्ट्रीय दबाव से अलग-थलग करने के प्रयासों को कमजोर कर देगा। ट्रंप ने कहा, “मैं जानता हूं कि यूरोपीय देश बड़ी मात्रा में रूस से तेल खरीद रहे हैं, और जैसा कि आप जानते हैं, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत करीब हूं। मैंने हाल ही में उनसे बात की और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन आप यह भी जानते हैं कि मैंने भारत पर टैरिफ लगाए थे।”
भारत-अमेरिका व्यापार विवाद में कमी की उम्मीद
ट्रंप के बयान का एक और महत्वपूर्ण पहलू था उनका व्यापारिक दृष्टिकोण। भारतीय और अमेरिकी व्यापार के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को लेकर अब कुछ राहत की उम्मीद जताई जा रही है। भारत के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर वी अनंत नागेश्वरन ने घोषणा की कि भारत पर लगाए गए कुछ टैरिफ 30 नवंबर के बाद वापस ले लिए जाएंगे। यह कदम भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को सुधारने के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
भारत और ट्रंप के रिश्ते: एक नई दिशा?
ट्रंप के बयान से साफ है कि वह भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने रिश्तों को सकारात्मक रूप से देखते हैं। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका और भारत के बीच कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं, खासकर व्यापार, रक्षा और पर्यावरण नीति को लेकर। हालांकि, ट्रंप की यह टिप्पणी भारत के प्रति उनकी प्रशंसा और मित्रता का संकेत देती है, जिससे दोनों देशों के बीच सामरिक और आर्थिक सहयोग में और सुधार हो सकता है।



