- अंतरराष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस पर एचटीपीएस में हुए जनजागरूकता के कार्यक्रम
कोरबा 18 सितंबर 2025- ओजोन परत पृथ्वी की सुरक्षा कवच है। सूर्य से उत्सर्जित पराबैंगनी (यूवी) विकिरणों के दुष्प्रभाव से बचाने वाली ओजोन परत के संरक्षण हेतु हम सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। यह विचार अंतरराष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस (16 सितंबर) पर मुख्य अभियंता पीके श्रीवास्तव ने व्यक्त किए। श्री श्रीवास्तव द्वारा उपस्थित जनसमूह से ओजोन परत के संरक्षण हेतु लोगों को जागरूक करने और पृथ्वी को जीवन के अनुकूल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की गई।
हसदेव ताप विद्युत संयंत्र में अंतरराष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त मुख्य अभियंता एमके गुप्ता, पीके स्वैन एवं वरिष्ठ मुख्य रसायनज्ञ एके कुरनाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। पाॅली रसायनज्ञ अनिल तिवारी द्वारा पाॅवर पाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए ओजोन परत पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव एवं उसके बचाव के बारे में विस्तार से बताया गया। ओजोन पृथ्वी की सुरक्षात्मक परत है, जो हमारे ग्रह को हानिकारक पराबैंगनी विकिरण से बचाती है। यह पारिस्थितिक तंत्र और मानव स्वास्थ्य की रक्षा करती है।
परबैंगनी विकिरण सीधे धरती पर पड़े तो इंसानों में त्वचा कैंसर, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसी कई तरह की गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इस वर्ष 2025 की थीम है- ‘‘विज्ञान से वैश्विक कार्यवाही तक’’ (FROM Science to Global Action )। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपनी जीवन शैली में परिवर्तन लाने व निजी स्वार्थ को त्याग कर ओजोन परत के संरक्षण का संकल्प लिया गया। ओजोन परत संरक्षण विषय पर नारा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विजयी प्रतिभागियों लक्ष्मी प्रसाद साहू, सुरेश कुमार कंवर, भूपेंद्र सुधाकर, कार्तिक दास महंत, रीना तिग्गा, चांदनी सोनी मुख्य अभियंता के हाथों पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन सहायक प्रबंधक (पर्यावरण) विकास उइके ने किया।



