Vedant Samachar

आस्था और इंजीनियरिंग का संगम: उमिया धाम में अदाणी सीमेंट ने रचा सबसे बड़े राफ्ट फाउंडेशन का विश्व रिकॉर्ड

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  • 24,100 घन मीटर ईकोमैक्सX लो-कार्बन कंक्रीट, 3,600 टन सीमेंट और 600 से अधिक कुशल श्रमिकों की मदद से 54 घंटे लगातार काम, 26 आरएमएक्स प्लांट और 285+ से अधिक ट्रांजिट मिक्सर का सहयोग
  • अदाणी कंक्रीट ने 54 घंटों में मेगा राफ्ट पोर सफलतापूर्वक पूरा किया और धार्मिक संरचना के लिए सबसे बड़े राफ्ट फाउंडेशन का विश्व रिकॉर्ड* बनाया।
  • अदाणी सीमेंट ने वर्ल्ड वन टॉवर, जम्मू-कश्मीर का चिनाब रेलवे ब्रिज और अब उमिया धाम जैसे प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स के साथ अपनी विरासत को और मजबूत किया।


अहमदाबाद, 18 सितम्बर 2025: गुजरात की धरती पर आस्था और आधुनिक इंजीनियरिंग का अनोखा संगम देखने को मिला, जब अदाणी सीमेंट ने अहमदाबाद के पास जगत जननी माँ उमिया धाम मंदिर के लिए दुनिया का सबसे बड़ा राफ्ट फाउंडेशन कास्ट कर इतिहास रच दिया। यह कार्य 54 घंटे लगातार चला और इसने धार्मिक अवसंरचना के लिए विश्व रिकॉर्ड कायम किया।


इस मेगा ऑपरेशन में 24,100 घन मीटर ईकोमैक्सX M45 ग्रेड लो-कार्बन कंक्रीट, 3,600 टन उच्च गुणवत्ता वाला सीमेंट, 26 रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमएक्स) प्लांट और 285+ ट्रांजिट मिक्सर का इस्तेमाल हुआ। 600 से अधिक कुशल श्रमिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने दिन-रात मेहनत कर यह चुनौतीपूर्ण कार्य बिना किसी रुकावट और बिना कोल्ड जॉइंट्स के पूरा किया।


इस फाउंडेशन कास्टिंग की खासियत यह रही कि “ईकोमैक्सX” कंक्रीट के प्रयोग से प्रोजेक्ट का कार्बन फुटप्रिंट 60% तक घट गया। “कूलक्रीट” तकनीक से तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखा गया, जिससे थर्मल तनाव नियंत्रित रहा और मजबूती बरकरार रही।


अदाणी समूह के सीईओ – सीमेंट बिज़नेस, विनोद बाहेती ने कहा: “उमिया धाम एक प्रतीकात्मक आध्यात्मिक स्थल बनने जा रहा है, जो 60 एकड़ में फैला है और इसमें लगभग ₹2,000 करोड़ का निवेश किया गया है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ़ विश्व रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है—यह अदाणी सीमेंट की गुणवत्ता, पैमाने, गति और उद्देश्य को दर्शाता है। जैसा कि हमारे चेयरमैन मानते हैं, ये केवल इंजीनियरिंग की उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि आस्था और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के बीच सेतु हैं। उमिया धाम में सफल राफ्ट कास्टिंग इसी सोच का जीवंत उदाहरण है: जहाँ आस्था नवाचार को प्रेरित करती है, और नवाचार पूरे समुदाय को आगे बढ़ाता है। जब हम नवाचार, लोगों और टिकाऊ सामग्रियों को एकजुट करते हैं, तो हम ऐसे समाधान बनाते हैं जो पीढ़ियों तक कायम रहते हैं और वैश्विक स्तर पर नए मानक स्थापित करते हैं। हमारे ECO MaxX लो कार्बन कंक्रीट ने इस संरचना को अपने कार्बन उत्सर्जन को 60% तक कम करने में सक्षम बनाया है, जो हमारी स्थिरता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।”

विश्व उमिया फाउंडेशन के अध्यक्ष आर.पी. पटेल ने कहा: “जगत जननी माँ उमिया (पार्वती) मंदिर का यह विश्व-रिकॉर्ड फाउंडेशन भारत की सांस्कृतिक और इंजीनियरिंग धरोहर के लिए गौरव का क्षण है। मेगा प्रोजेक्ट्स में अदाणी सीमेंट की विशेषज्ञता ने उन्हें हमारा स्वाभाविक साझेदार बनाया।”

504 फीट ऊँचा यह मंदिर (450 ft x 400 ft x 8 ft फाउंडेशन पर आधारित) भविष्य में जसपुर स्थित 60 एकड़ के विशाल सामाजिक और सांस्कृतिक परिसर का आध्यात्मिक केंद्र होगा। इसमें 1,551 धर्म स्तंभ होंगे।
ईकोमैक्सX M45 मिश्रण में 66% सप्लीमेंटरी सीमेंटिशियस मटेरियल (SCM) शामिल है, जिससे कार्बन उत्सर्जन 60% तक कम हुआ। “कूलक्रीट” फार्मूले ने तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे बनाए रखा, जिससे थर्मल तनाव कम हुआ। संरचना में लगे थर्मोकपल्स तापमान और मजबूती की रियल-टाइम निगरानी कर रहे हैं।


इस भव्य राफ्ट फाउंडेशन को 1,000 से अधिक लोगों ने मौके पर देखा, जबकि 10,000 से ज्यादा लोगों ने इसे ऑनलाइन देखा। यह अडानी सीमेंट की भारत की इंजीनियरिंग और आध्यात्मिक यात्रा में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।


वर्ल्ड वन टॉवर, चिनाब रेलवे ब्रिज और अब उमिया धाम, इन परियोजनाओं के साथ अदाणी सीमेंट ने एक बार फिर साबित किया है कि वह न केवल भारत के बुनियादी ढाँचे और रियल्टी सेक्टर का अहम हिस्सा है, बल्कि सतत विकास और सांस्कृतिक धरोहर को भी नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है।
यह उपलब्धि न केवल अदाणी सीमेंट की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि सतत विकास और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।

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