श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष) का समय हिंदू सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह काल 16 दिनों तक चलता है, जब लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। इस दौरान एक सवाल जो अक्सर लोगों के मन में उठता है, वह यह है कि क्या पितृ हमारे किए कार्यों से प्रसन्न हैं या नहीं ? और अगर सपनों में पितरों का दर्शन हो रहा है तो उसका क्या अर्थ है ?
क्या कहते हैं शास्त्र ?
यदि पितृ पक्ष के दौरान कोई अपने पूर्वजों को सपने में देखता है, तो यह अशुभ नहीं माना जाना चाहिए। ऐसा अक्सर व्यक्ति के भाव और मानसिक स्थिति के कारण भी होता है, क्योंकि श्राद्ध पक्ष में व्यक्ति पूर्वजों को अधिक स्मरण करता है।
सपनों के संकेत
पितृ यदि प्रसन्न मुद्रा में दिखाई दें तो यह शुभ संकेत है। इसका अर्थ है कि उन्होंने आपका श्राद्ध स्वीकार किया है और आप पर आशीर्वाद बना रहेगा।
घर में सुखद सुगंध और शांत वातावरण भी पितरों की संतुष्टी का संकेत है।
यदि सपने में पूर्वज रोते हुए, बीमार या गुस्से में नजर आएं तो यह संकेत करता है कि वे अप्रसन्न हैं। हो सकता है कि आपने कोई परंपरा ठीक से पूरी नहीं की हो या उनकी कोई अधूरी इच्छा हो।
अस्त-व्यस्त रूप या टूटे दांतों के साथ हंसी सपने में दिखे तो सावधान होने के संकेत हैं, यह बीमारी या आर्थिक हानि का संकेत हो सकता है।
पितरों का बार-बार सपनों में आना यह दर्शाता है कि किसी पूर्वज की कोई अंतिम इच्छा अधूरी है। ऐसे में तर्पण और दान कर उन्हें संतुष्ट करने का प्रयास करें।
पौराणिक प्रसंगों में मिलते प्रमाण
धार्मिक ग्रंथों में ऐसे कई प्रसंग मिलते हैं जहां पितरों ने सपनों के माध्यम से संकेत दिए, महाभारत में शांतनु ने भीष्म को और पांडु ने युधिष्ठिर को सपने में मार्गदर्शन दिया। रामायण में राजा दशरथ ने श्रीराम को रावण-विजय का आशीर्वाद सपने में दिया। ऋषि जरत्कारु को पूर्वजों ने वंश बढ़ाने की आज्ञा सपने में ही दी थी।
स्वनों के माध्यम से चेतावनी या मार्गदर्शन
अगर सपने में पितृ आपको बाल संवारते हुए दिखें, इसका अर्थ है कि वह आपकी परेशानी समझते हैं और मदद कर रहे हैं। आप उन्हें बुला रहे हों या वह आपको पुकार रहे हों, यह संकेत है कि भविष्य में कोई कठिन समय आ सकता है, लेकिन आप उससे उबर सकते हैं। सपनों में आपका उनसे बात करना, आपकी कोई विशेष कामना पूरी होने का संकेत है।
क्या करें अगर बार-बार दिखें पितृ ?
गाय को रोटी खिलाएं।
ब्राह्मणों को भोजन कराएं और वस्त्र दान करें।
पीपल के पेड़ की पूजा करें और दीपक जलाएं।
पितरों के नाम से जलदान, तर्पण और पिंडदान करें।
श्राद्ध पक्ष केवल एक धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक है। यदि आपके सपनों में पितृ आते हैं तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे एक संकेत समझें कि आपको उनके प्रति कुछ और कर्तव्य निभाने हैं। सपनों के संदेशों को समझें और अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा बनाए रखें।



