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हिमाचल में मूसलाधार बारिश का कहर… भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त

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हिमाचल,16 सितंबर : हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर बारिश ने तबाही मचा दी है। बीती रात हुई भारी बारिश ने राजधानी शिमला समेत मंडी और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जगह-जगह भूस्खलन, सड़कें बंद और बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

मंडी में भूस्खलन से तीन की मौत

मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के निहरी तहसील के ब्रगटा गांव में सोमवार रात बड़ा हादसा हुआ। यहां भूस्खलन से एक मकान पूरी तरह मलबे में दब गया। हादसे के समय घर में पांच लोग मौजूद थे, जिनमें तीन की मौत हो गई, जबकि दो को सुरक्षित बचा लिया गया। मृतकों में दो महिलाएं और एक आठ महीने का बच्चा शामिल है। मृतकों की पहचान तांगू देवी (33), कमला देवी (33) और आठ माह के भीष्म सिंह के रूप में हुई है। सुरक्षित बचे लोगों में खूब राम (65) और दर्शन देवी (58) शामिल हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने हादसे की पुष्टि की है।

धर्मपुर में तबाही, बस स्टैंड डूबा

भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले के धर्मपुर बाजार में देखने को मिला। यहां से होकर बहने वाली सोन खड्ड ने विकराल रूप ले लिया। रात एक बजे के करीब बारिश इतनी तेज हो गई कि लोग घरों से बाहर निकल आए। उफान पर आई खड्ड का पानी धर्मपुर बस स्टैंड तक घुस गया, जिससे कई वाहन बह गए और एक व्यक्ति लापता हो गया।

शिमला में जगह-जगह भूस्खलन

राजधानी शिमला में भी बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। शहर के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ। हिमलैंड में मलबा गिरने से सड़क पर खड़ी चार गाड़ियां दब गईं। बीसीएस और कृष्णानगर वार्ड में भी सड़कें बाधित हुईं, वहीं विकासनगर में पेड़ गिरने की खबर है। अचानक हुए तीन से चार तेज धमाकों के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जतोग, टुटू और ढली क्षेत्रों में पेड़ों के बिजली की लाइनों पर गिरने से सुबह तक बिजली गुल रही।

अब तक का नुकसान

मौसम विभाग ने 22 सितंबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान लगाया है और येलो अलर्ट जारी किया है। इस मानसून सीजन में अब तक 409 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 473 लोग घायल हुए हैं और 41 अभी भी लापता हैं। 579 पक्के और 899 कच्चे मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। संपत्ति को अब तक 4,50,444.91 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से प्रदेश में हालात गंभीर बने हुए हैं और प्रशासन अलर्ट पर है।

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