विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं की वजह से बना है गतिरोध
कोरबा,15 सितंबर (वेदांत समाचार)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड दीपका क्षेत्र की कोयला खदानों का विस्तार करने में प्रबंधन के अधिकारियों का पसीना छूट रहा है। कोल इंडिया के अधिकारियों के दौरे और राज्य सरकार के बड़े अधिकारियों से हुई मुलाकात के बाद भी मामला फंसा हुआ है। नई खबर ये है कि अब हरदीबाजार की जमीन जुटाने पर पूरा फोकस है। इसके लिए सर्वे के काम में दिक्कत हुई। पुलिस बल की सहायता लेने की सूचना ने लोगों को एकजुट करना शुरू कर दिया है।
एसईसीएल ने दीपका विस्तार और कुसमुंडा को अपनी मेगा माइंस केटेगरी में शामिल किया है और इसी पर प्राथमिकता दी है। भविष्य में यहां से लगभग 55 मिलियन टन कोयला का उत्पादन एक वर्ष में करने की योजना है। दीपका पहले परियोजना थी जिसे क्षेत्र में बदला गया। आसपास में कोयला का बड़ा भंडार और अधिक वर्षों तक दोहन करने के अवसर ने कंपनी को उत्साहित किया है। इस मामले में जमीन का अर्जन करना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आसपास के कुछ गांव की जमीन प्राप्त करने में प्रबंधन को कई साल तक मशक्कत करनी पड़ी और तब कहीं जाकर उसका सपना पूरा हो सका है। अब उसकी नजर हरदीबाजार पर है। इस मामले को लेकर हरदीबाजार के कुछ हिस्से में तोडफ़ोड़ करने के दौरान बहुत सी समस्याएं पेश आई। हाल में ही सर्वे की आंशिक कवायदों को लोगों ने चौपट कर दिया। कई प्रकार की बातें इस मामले में हो रही है। इस बीच प्रबंधन के द्वारा प्रशासन को पत्र लिखकर सर्वे प्रक्रिया के लिए पुलिस बल की मांग की गई। इसने लोगों को सतर्क करने के साथ नाराज भी किया है। लोगों ने चेताया है कि हम भी देखते हैं कि यह काम होता कैसे है।



